सीजी भास्कर 8 मार्च भारत की प्रमुख डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe अब अपने IPO की तैयारी में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में कई अहम आंकड़े सामने आए हैं। दस्तावेजों के मुताबिक कंपनी का व्यापारी नेटवर्क तेजी से बढ़ा है और अब देशभर में करोड़ों व्यापारियों तक पहुंच चुका है। रिपोर्ट के अनुसार (PhonePe Merchant Network) अब 4.7 करोड़ से ज्यादा व्यापारियों को जोड़ चुका है, जिससे यह देश के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल हो गया है।
देश के लगभग हर पिन कोड तक पहुंच
कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक 30 सितंबर 2025 तक PhonePe के साथ पंजीकृत व्यापारियों की संख्या करीब 4.71 करोड़ हो गई थी। इसका मतलब है कि प्लेटफॉर्म अब देश के लगभग 98.61 प्रतिशत पिन कोड तक पहुंच बना चुका है। आंकड़ों के अनुसार मार्च 2025 तक यह नेटवर्क देश के कुल व्यापार और सेवा क्षेत्र के करीब 77 से 80 प्रतिशत व्यापारियों को कवर कर रहा था। हर महीने सक्रिय व्यापारियों की संख्या भी 1.13 करोड़ से अधिक रही, जो कुल सक्रिय UPI व्यापारियों का लगभग 54 प्रतिशत हिस्सा मानी जा रही है। यह आंकड़े (PhonePe DRHP Data) में विस्तार से सामने आए हैं।
स्मार्ट डिवाइस से मजबूत हुआ नेटवर्क
व्यापारियों के साथ अपने कनेक्शन को मजबूत करने के लिए PhonePe ने देशभर में बड़ी संख्या में फिजिकल पेमेंट डिवाइस भी लगाए हैं। कंपनी के मुताबिक अब तक 9.19 मिलियन से अधिक डिवाइस तैनात किए जा चुके हैं। इनमें स्मार्टस्पीकर जैसे उपकरण शामिल हैं, जो भुगतान की जानकारी तुरंत आवाज के जरिए व्यापारियों तक पहुंचाते हैं। इन डिवाइस के जरिए व्यापारियों को ट्रांजैक्शन अलर्ट और अन्य बिजनेस अपडेट भी मिलते हैं। इस पूरे सिस्टम को संभालने के लिए कंपनी के पास हजारों फील्ड कर्मचारी और एजेंट मौजूद हैं, जो खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार कर रहे हैं। इसे (PhonePe Payment Devices) नेटवर्क का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
व्यापारियों को लोन देने में तेजी
DRHP में यह भी बताया गया है कि Merchant Lending कंपनी के सबसे तेजी से बढ़ते सेगमेंट में शामिल हो गया है। PhonePe अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद ट्रांजैक्शन डेटा का इस्तेमाल करके पार्टनर लेंडर्स को जरूरी जानकारी देता है, जिससे व्यापारियों को बिना किसी गिरवी के लोन मिल पाता है। आंकड़ों के अनुसार FY2023 में जहां लोन वितरण करीब 11 करोड़ रुपये था, वहीं FY2025 तक यह बढ़कर 4,507 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं FY2026 की पहली छमाही में ही इस सेगमेंट से कंपनी को 288 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई हो चुकी है। यह तेजी (Merchant Lending Growth) के रूप में देखी जा रही है।





