रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर बयानबाज़ी और पोस्टर वार तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी फूलोदेवी को लेकर एक पोस्टर जारी कर सियासी हमला बोला है। इस पोस्टर में कांग्रेस नेतृत्व और राज्य के नेताओं पर तंज कसते हुए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि पार्टी के अंदर टिकट चयन को लेकर अलग-अलग दावेदारी थी, लेकिन अंततः (Phoolo Devi Rajya Sabha Candidate) को मौका मिला।
पोस्टर में कांग्रेस नेताओं को लेकर किया गया व्यंग्य
भाजपा द्वारा जारी पोस्टर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को केंद्रीय नेताओं के सामने अपनी-अपनी दावेदारी रखते हुए दर्शाया गया है। पोस्टर में यह भी लिखा गया है कि तमाम कोशिशों और स्वागत के बावजूद अंत में फूलोदेवी की ‘सेवा’ भारी पड़ गई। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनावी माहौल में इस तरह की (Poster Politics Chhattisgarh) अक्सर देखने को मिलती है, जहां दल एक-दूसरे पर व्यंग्यात्मक तरीके से हमला करते हैं।
पहचान का मुद्दा भी उठा
इस पूरे मामले पर भाजपा के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि असली सवाल यह नहीं है कि किसकी चली और किसकी नहीं चली। उन्होंने कहा कि पिछले कार्यकाल में जो राज्यसभा सांसद चुने गए थे, उन्हें बहुत कम लोग जानते थे, लेकिन इस बार कम से कम ऐसा उम्मीदवार सामने आया है जिसे लोग पहचानते हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक हलकों में (Ajay Chandrakar Statement) के तौर पर देखा जा रहा है।
अन्य मुद्दों पर भी बोले भाजपा विधायक
मीडिया से बातचीत के दौरान अजय चंद्राकर ने अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। दुर्ग जिले में कथित तौर पर सामने आए अफीम खेती के मामले पर उन्होंने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति गलत कार्य में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा क्यों न हो। इसके साथ ही उन्होंने धान खरीदी और अन्य विषयों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। इस तरह पूरे मामले ने प्रदेश की (Chhattisgarh Political Debate) को और गर्म कर दिया है।





