सीजी भास्कर, 28 अगस्त : पीएम जन-धन योजना (PM Jan Dhan Yojana) के 11 साल पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि इस योजना ने लोगों को अपना भाग्य खुद लिखने की शक्ति दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति वित्तीय रूप से जुड़ता है तो पूरा देश तरक्की की ओर बढ़ता है।
यह योजना 28 अगस्त 2014 को शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य हर परिवार को व्यापक वित्तीय समावेशन से जोड़ना था। इसके तहत प्रत्येक परिवार के लिए कम से कम एक बुनियादी बैंकिंग खाता, वित्तीय साक्षरता, ऋण, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा—“जब अंतिम व्यक्ति वित्तीय रूप से जुड़ा होता है तो पूरा देश एक साथ आगे बढ़ता है। (PM Jan Dhan Yojana) से यही संभव हुआ। इसने लोगों की गरिमा बढ़ाई और उन्हें अपना भाग्य खुद लिखने की ताकत दी।”
प्रधानमंत्री ने ‘माईगोव’ के पोस्ट को साझा करते हुए यह भी कहा कि कैसे (PM Jan Dhan Yojana) ने भारतभर में करोड़ों परिवारों का जीवन बदल दिया। पोस्ट में लिखा गया—“भारत की वित्तीय क्रांति गणित के सूत्रों से नहीं, बल्कि नवाचार और समावेशन के सूत्रों से प्रेरित है। बैंकिंग सेवाओं से लेकर महिला सशक्तिकरण तक, पारदर्शी डीबीटी ट्रांसफर से लेकर शासन में विश्वास तक, प्रधानमंत्री जन-धन योजना ने देश में बचत और विकास की नई परिभाषा गढ़ी है।”
‘माईगोव’ के एक अन्य पोस्ट में कहा गया 11 साल पहले प्रधानमंत्री मोदी ने भारत से वादा किया था कि कोई भी गरीब परिवार बैंकिंग व्यवस्था से बाहर नहीं रहेगा। जन-धन केवल बैंक खाते खोलने की योजना नहीं थी, बल्कि यह एक मां के सम्मानपूर्वक बचत करने, किसान को बिचौलियों से मुक्ति दिलाने और ग्रामीण को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने की पहल थी।” इसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी की दृष्टि ने वित्तीय समावेशन को वास्तविकता में बदल दिया है, जिससे हर घर में उम्मीद और हर जीवन में आत्मविश्वास पैदा हुआ।