सीजी भास्कर, 9 दिसंबर। पीएम सूर्य घर योजना (PM Suryaghar Scheme) के तहत रूफटॉप सोलर पैनल स्थापना के लिए अनिवार्य पंजीयन नहीं कराने पर विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को दी जा रही बिजली बिल पर 50% छूट लाभ बंद कर दिया गया है। पावर कंपनी के निर्देश के बाद नवंबर माह में कर्मचारियों को पहली बार बिना किसी रियायत के पूरा बिजली बिल भेजा गया।
कंपनी ने रूफटॉप सोलर पंजीयन के लिए 25 नवंबर तक की समय सीमा तय की थी, लेकिन 10,000 कर्मचारियों में से आधे से अधिक पंजीयन नहीं करा सके। इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने सभी संभागों को पत्र जारी कर रियायत समाप्त करने का आदेश जारी किया।
“प्रबंधन दबाव बना रहा है”
कर्मचारी संगठनों ने निर्णय पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि कंपनी नियमों की आड़ में कर्मचारियों पर सोलर इंस्टॉलेशन के लिए दबाव बना रही है। हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि पंजीयन के बाद रियायत दोबारा बहाल कर दी जाएगी। बिजली कंपनी कर्मचारियों को रूफटॉप लगाने के लिए 0% ब्याज पर लोन उपलब्ध कराएगी, जिसकी 12 किस्तों में वसूली होगी। लेकिन अगले चार महीने में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी इस लाभ से वंचित हो सकते हैं।
रियायत हटने से कर्मचारी अब हाफ बिल योजना के दायरे में
पावर कंपनी (PM Suryaghar Scheme) की रियायत बंद होने के बाद बिजली कर्मचारी भी राज्य की हाफ बिजली बिल योजना के अंतर्गत आ जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत 400 यूनिट तक बिल आधा लगेगा, जबकि सीमा *1 दिसंबर से बढ़ाकर 200 यूनिट कर दी गई है। कंपनी अधिकारियों के अनुसार इससे राज्य बिजली कंपनी पर वित्तीय भार कम होगा क्योंकि पहले 50% रियायत सीधे कंपनी पर आती थी।
(PM Suryaghar Scheme) बिजली कर्मियों में रुचि कम
प्रदेश में अब तक 13,000 से अधिक रूफटॉप सिस्टम लगाए जा चुके हैं, लेकिन खुद बिजली विभाग में स्थिति उलटी है। 10,000 में से केवल 1,300 कर्मचारी (13%) ने ही पंजीयन कराया। कई कर्मचारियों का कहना है कि पंजीयन के बाद भी तकनीकी दिक्कतें, बैंक लोन और सामग्री उपलब्धता से संबंधित समस्याएँ उनके निर्णय में बाधा बन रही हैं।


