सीजी भास्कर, 23 दिसंबर। प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G Housing Day) के प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन ने बड़ा और दूरगामी निर्णय लिया है। इसके तहत प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में अब हर माह की 7 तारीख को अनिवार्य रूप से ‘आवास दिवस’ मनाया जाएगा।
यह आयोजन चावल उत्सव और महात्मा गांधी नरेगा के रोजगार दिवस के साथ संयुक्त रूप से किया जाएगा, ताकि ग्रामीण विकास से जुड़ी प्रमुख योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर हितग्राहियों तक पहुंचे। यह निर्णय प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण की रफ्तार बढ़ाना, हितग्राहियों में योजना के प्रति जागरूकता लाना तथा निर्माण कार्यों के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना है। पंचायत मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग निहारिका बारिक सिंह द्वारा यह निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
पारदर्शिता पर जोर
आवास दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायतों में स्वीकृत, निर्माणाधीन एवं पूर्ण हो चुके सभी आवासों के हितग्राहियों की सूची का सार्वजनिक रूप से वाचन किया जाएगा। इससे न केवल पारदर्शिता बनी रहेगी, बल्कि ग्रामीणों को भी योजना की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सकेगी। इसके साथ ही स्वीकृत हितग्राहियों को आवास स्वीकृति प्रमाण पत्र भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे उन्हें अधिकारिक रूप से योजना का लाभ मिलने की पुष्टि होगी। यह प्रक्रिया प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G Housing Day) में विश्वास को और मजबूत करेगी।
90 दिनों में आवास पूरा करने वालों का सम्मान
राज्य शासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जिन हितग्राहियों ने 90 दिनों के भीतर या अत्यंत कम समय में अपने आवास का निर्माण पूर्ण कर लिया है, उन्हें आवास दिवस के मौके पर प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य अन्य हितग्राहियों को प्रेरित करना है, ताकि वे भी समय पर निर्माण कार्य पूरा करें। साथ ही जिन हितग्राहियों की प्रगति के बावजूद किस्तें लंबित हैं या जिनका केवायसी शेष है, उनका उसी दिन केवायसी पूर्ण कराकर सात दिनों के भीतर राशि उनके बैंक खातों में अनिवार्य रूप से हस्तांतरित की जाएगी।
मनरेगा मजदूरी और निर्माण बाधाओं पर होगी चर्चा
महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत 90 दिवस की अकुशल मजदूरी भुगतान की स्थिति पर भी आवास दिवस के दौरान चर्चा की जाएगी। आवास निर्माण से जुड़े मजदूरी भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए आवश्यक समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा स्थानीय परिस्थितियों, तकनीकी कारणों अथवा अन्य बाधाओं के चलते जिन आवासों का निर्माण प्रभावित हो रहा है, उनका हर माह 7 तारीख तक अनिवार्य रूप से समाधान कर हितग्राहियों को अवगत कराया जाएगा। जिला और विकासखंड स्तर के अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया की सतत समीक्षा करेंगे।
निर्माण सामग्री की कमी दूर करने ‘सामग्री बैंक’
राज्य शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्माण सामग्री, राजमिस्त्री या सेंटरिंग प्लेट की कमी के कारण जिन आवासों में विलंब हो रहा है, वहां स्व सहायता समूहों सहित सभी भागीदारों के साथ सामूहिक चर्चा कर समाधान निकाला जाएगा। योजना मार्गदर्शिका के अनुरूप ‘सामग्री बैंक’ की स्थापना की जाएगी, ताकि आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध हो सकें और प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY-G Housing Day) के लक्ष्यों को समयसीमा में पूरा किया जा सके।
पीएम जनमन हितग्राहियों को मिलेगी प्राथमिकता
पीएम जनमन योजना के अंतर्गत आने वाले हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। आवास दिवस के दौरान इनके मामलों पर अलग से चर्चा कर शीघ्र निर्माण पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पंचायत पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के प्रावधानों, दिशा-निर्देशों तथा अन्य विभागों के साथ अभिसरण यानी कन्वर्जेंस की संभावनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
टोल फ्री नंबर से त्वरित समाधान
हितग्राहियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण के टोल फ्री नंबर 1800-233-1290 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। राज्य शासन ने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित अधिकारी इन निर्देशों का सख्ती से पालन करें, ताकि हर पात्र ग्रामीण परिवार को समय पर पक्का आवास मिल सके और ‘सबके लिए आवास’ का लक्ष्य पूरी तरह साकार हो सके।


