सीजी भास्कर, 29 नवंबर। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण की गलत रिपोर्टिंग सामने आने के बाद गरियाबंद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला पंचायत गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने विभिन्न ग्राम पंचायतों के 4 आवास मित्रों और एक रोजगार सहायक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। प्रशासन ने संकेत दिया है कि (PMAY Gramin Inspection) में किसी भी प्रकार की हेराफेरी या गलत रिपोर्टिंग को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिला स्तर पर गठित टीम को विभिन्न ग्राम पंचायतों में भेजा गया था ताकि वास्तविक निर्माण स्थिति का सत्यापन किया जा सके। निरीक्षण के दौरान टीम ने खजूरपदर, उसरीजोर, सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी, मुचबहाल और धोबनमाल पंचायतों का भ्रमण किया। टीम की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कई हितग्राहियों के आवास वास्तविक रूप से अपूर्ण थे, लेकिन आवास मित्रों एवं रोजगार सहायकों द्वारा अन्य व्यक्तियों के आवासों का जियोटैग कर उन्हें पूर्ण दिखा दिया गया था। यह गंभीर अनियमितता सीधे योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाती है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने रिपोर्ट मिलने के बाद ग्राम पंचायत सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी और मुचबहाल के आवास मित्रों तथा धोबनमाल पंचायत के रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त करने के आदेश जारी किए। इसके साथ ही आवास निरीक्षण एवं मॉनिटरिंग में लापरवाही पाए जाने के कारण मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मैनपुर; विकासखण्ड समन्वयक, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण; तकनीकी सहायक (मनरेगा); तथा सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी, मुचबहाल और धोबनमाल के सरपंच एवं सचिव को कारण बताओ नोटिस थमा दिए गए। तकनीकी सहायक को बिना वास्तविक परीक्षण के जियोटैग सत्यापन करने पर भी नोटिस जारी हुआ, जिससे स्पष्ट है कि (PMAY Grami nInspection) से जुड़ी प्रत्येक प्रक्रिया को गंभीरता से लिया जा रहा है।
कलेक्टर ने कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने और योजनाओं के क्रियान्वयन को पारदर्शी बनाने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा। यह कार्रवाई प्रदेश में आवास योजना के संचालन को अधिक जिम्मेदार और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक कड़ा संदेश मानी जा रही है।


