सीजी भास्कर, 9 सितंबर। राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली (Police Commissionerate System) लागू करने की दिशा में तेज कदम उठाए गए हैं। लंबे समय से इसकी चर्चा थी और अब इस पर अमल शुरू हो चुका है। डीजीपी अरुणदेव गौतम ने सात सदस्यीय कमेटी (IPS Officers Committee) गठित कर दी है, जो कमिश्नरेट प्रणाली के सभी पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।

कमेटी की कमान सीनियर एडीजी प्रदीप गुप्ता को सौंपी गई है। उनके साथ एडीजी अजय यादव, आईजी अमरेश मिश्रा, डीआईजी ध्रुव गुप्ता, एसएसपी अभिषेक मीणा, संतोष सिंह और प्रभात को शामिल किया गया है। यह टीम रायपुर में पुलिसिंग की मौजूदा स्थिति, अपराध की जटिलताओं और आबादी वृद्धि के कारण उत्पन्न चुनौतियों पर काम करेगी।
बताया जा रहा है कि राजधानी में बीते कुछ वर्षों से अपराधों का पैटर्न बदला है। संगठित अपराध, साइबर फ्रॉड और बढ़ते सड़क अपराधों ने पुलिस पर दबाव बढ़ाया है। पारंपरिक थानेदारी व्यवस्था में त्वरित निर्णय लेने और कार्रवाई की सीमाएं हैं। ऐसे में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने से अधिकारियों को सीधे अधिक अधिकार मिलेंगे। इससे न केवल अपराधियों पर नकेल कसना आसान होगा, बल्कि आम जनता की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि कानून व्यवस्था (Law and Order) को बेहतर बनाने के लिए राजधानी में कमिश्नरेट व्यवस्था जरूरी है। वर्तमान में आबादी और अपराध दोनों की रफ्तार तेज है। ट्रैफिक प्रबंधन से लेकर बड़े आयोजनों में सुरक्षा इंतजाम तक, कई बार पुलिस को अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ता है। नए ढांचे में त्वरित फैसले लिए जा सकेंगे और जवाबदेही भी तय होगी।
राजधानी के लोगों को उम्मीद है कि कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस अधिक सशक्त, जवाबदेह और जनता के करीब होगी। समिति की रिपोर्ट आने के बाद इस व्यवस्था की रूपरेखा तय होगी और जल्द ही रायपुर को नई पुलिसिंग प्रणाली मिल सकती है।




