सुबह जब लोग तालाब किनारे पहुंचे तो नज़ारा सामान्य नहीं था। पानी की सतह पर मरी (Pond Fish Mortality) हुई मछलियां तैर रही थीं और संख्या हर दिन बढ़ती जा रही थी। हालात ऐसे बने कि लोगों को खुद आगे आकर बचाव के उपाय शुरू करने पड़े।
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गेवरा-दीपका क्षेत्र स्थित बड़े शिव मंदिर तालाब में बीते तीन दिनों से लगातार मछलियों की मौत हो रही है। अब तक करीब 3 क्विंटल से अधिक मछलियां मर चुकी हैं। स्थानीय लोगों का अनुमान है कि तालाब में या तो ऑक्सीजन की कमी हो गई है, या फिर पानी में किसी प्रकार का फंगस संक्रमण फैल गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मछलियों को बचाने के लिए तत्काल प्रयास शुरू किए गए। तालाब में चूना, नमक और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव (Pond Fish Mortality) किया गया, ताकि पानी की गुणवत्ता को सुधारा जा सके और संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सके।
मंदिर समिति से जुड़े लोगों ने बताया कि मछलियों की लगातार हो रही मौत चिंता का विषय बन गई है। इसी कारण बोर के माध्यम से तालाब में ताजा पानी डलवाया जा रहा है, जिससे घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाई जा सके और बची हुई मछलियों को राहत मिल सके।
सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार, मछली विशेषज्ञों और डॉक्टरों से सलाह लेकर आगे के कदम तय (Pond Fish Mortality) किए जा रहे हैं। पानी की जांच के साथ-साथ मछली विक्रेताओं से भी संपर्क किया गया है, ताकि नुकसान को और बढ़ने से रोका जा सके।
फिलहाल तालाब की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि समय रहते पानी की गुणवत्ता में सुधार होने से शेष मछलियों को बचाया जा सकेगा।




