सीजी भास्कर, 10 जनवरी। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी विकासखंड के ग्राम बसकेपी स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल की 9 माह की गर्भवती शिक्षिका ने प्राचार्य मंगना राम पर मारपीट (Principal slaps pregnant teacher) का गंभीर आरोप लगाया है। शिक्षिका ने बताया कि 6 जनवरी को उन्होंने ऑनलाइन छुट्टी ली थी और 7 जनवरी को समय पर स्कूल पहुंची, लेकिन प्राचार्य ने उन्हें अनुपस्थित दर्ज कर दिया। जब उन्होंने कारण पूछा, तो प्राचार्य ने गाली-गलौज शुरू कर दी और हाथ उठाकर थप्पड़ और पेट में मुक्का (Principal slaps pregnant teacher) मारा।
शिक्षिका अनिमा लकड़ा ने डीईओ मनीराम यादव को लिखित शिकायत देकर प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि घटना के समय स्कूल में पूरा स्टाफ मौजूद था, और यह आचरण (Principal slaps pregnant teacher) उनके लिए अत्यंत अपमानजनक और खतरनाक था। शिक्षिका ने कहा कि थप्पड़ और पेट में मुक्के से उन्हें शारीरिक पीड़ा हुई और गर्भ पर असर भी पड़ सकता था।
उन्होंने बताया कि उसी दिन दो अन्य शिक्षक अनुपस्थित थे, लेकिन उन्हें प्राचार्य ने उपस्थित दिखा दिया। अनुपस्थित दिखाने का कारण पूछने पर प्राचार्य ने उनका अपमान करते हुए सेवा पुस्तिका बिगाड़ने और जीवन को खतरे में डालने की धमकी दी। शिक्षिका ने इस व्यवहार (Principal slaps pregnant teacher) को पूरी तरह अनुचित और गैरकानूनी करार दिया।
टीचर एसोसिएशन का विरोध
छत्तीसगढ़ टीचर एसोसिएशन संघ के अध्यक्ष पवन सिंह ने इस घटना (Principal slaps pregnant teacher) की कड़ी निंदा की है। उन्होंने जिला कार्यालय में जाकर प्राचार्य के खिलाफ लिखित शिकायत दी और तत्काल कठोर कार्रवाई तथा निलंबन की मांग की। सिंह ने कहा कि ऐसे व्यवहार से शिक्षक समुदाय की गरिमा और सम्मान पर चोट पहुंचती है, विशेषकर गर्भवती शिक्षिका के साथ हिंसा अस्वीकार्य है।
डीईओ का बयान
डीईओ मनीराम यादव ने बताया कि स्कूल स्टाफ के सभी सदस्यों के बयान लिए जा रहे हैं। शिकायत के आधार पर तथ्यों की जांच कर, आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो प्राचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटना न दोहराई जाए।
शिक्षिका की अपील
अनिमा लकड़ा ने कहा कि सभी शिक्षकों और ग्रामीणों से अनुरोध है कि विद्यालयों में सुरक्षा और सम्मान बनाए रखा जाए। उन्होंने यह भी अपील की कि गर्भवती शिक्षिकाओं के साथ किसी प्रकार का शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न न किया जाए।


