बिलासपुर। सराफा कारोबारी पर जानलेवा हमले और लूट के बहुचर्चित मामले में अब Production Remand News Bilaspur ने रफ्तार पकड़ ली है। दो राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय और कानूनी औपचारिकताओं के बाद मिर्जापुर की अदालत से चारों आरोपियों का प्रोडक्शन रिमांड मंजूर कर लिया गया है। इसके बाद छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम आरोपियों को लेकर बिलासपुर के लिए रवाना हो चुकी है। संभावना है कि देर शाम या रात तक टीम शहर पहुंच जाएगी, जिसके बाद आगे की पूछताछ शुरू होगी।
यूपी में दर्ज केस बना देरी की वजह, दस्तावेजों के बाद खुला रास्ता
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी अड़चन यूपी में दर्ज अलग एफआईआर बनी। मुठभेड़ के बाद मिर्जापुर पुलिस ने आरोपियों पर आर्म्स एक्ट, लूट का माल रखने और हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं जोड़ी थीं, जिसकी वजह से छत्तीसगढ़ पुलिस को सीधे ट्रांजिट नहीं मिल सका। Production Remand News Bilaspur से जुड़े सूत्रों के अनुसार, दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बना रहा और जरूरी दस्तावेजों के आदान-प्रदान के बाद ही कोर्ट से रिमांड संभव हो पाया।
मुठभेड़ में घायल दो आरोपी, इलाज के बीच चली कानूनी प्रक्रिया
राजकिशोर नगर में हुई वारदात के बाद फरार हुए चारों आरोपी मिर्जापुर के अहरौर क्षेत्र में पकड़े गए थे। गिरफ्तारी के दौरान हुई मुठभेड़ में विजय लांबा और मोनू उर्फ राहुल के पैर में गोली लगी थी। घायल होने के बावजूद कानूनी प्रक्रिया नहीं रुकी। Production Remand News Bilaspur के मुताबिक, मेडिकल क्लीयरेंस और कोर्ट की अनुमति के बाद ही आरोपियों को राज्य से बाहर ले जाने की औपचारिकता पूरी की गई।
पूछताछ से खुल सकते हैं नेटवर्क के राज, नई कड़ियों की तलाश
बिलासपुर पहुंचने के बाद चारों आरोपियों को स्थानीय पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस को शक है कि इस वारदात के पीछे संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है। Production Remand News Bilaspur से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में लूट के माल की बरामदगी, मददगारों की पहचान और संभावित अन्य वारदातों की जानकारी सामने आ सकती है। इससे शहर में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
दो राज्यों की पुलिस का तालमेल बना केस स्टडी
इस पूरे ऑपरेशन में छत्तीसगढ़ और यूपी पुलिस के बीच तालमेल को अहम माना जा रहा है। सीमापार अपराधों में कानूनी औपचारिकताएं अक्सर जांच को धीमा कर देती हैं, लेकिन इस केस में समयबद्ध समन्वय से प्रोडक्शन रिमांड हासिल कर लिया गया। Production Remand News Bilaspur के नजरिए से यह मामला भविष्य में अंतरराज्यीय अपराधों से निपटने की रणनीति के लिए एक अहम उदाहरण बन सकता है।






