सीजी भास्कर, 4 दिसंबर | एक प्रोफेसर को जाल में फंसाकर अपहरण, मारपीट, वीडियो बनाकर (Professor Kidnapping Case) ब्लैकमेल और फिर मोटी रकम की मांग — जांजगीर-चांपा में सामने आया यह मामला किसी क्राइम थ्रिलर की पटकथा जैसा है लेकिन यह हकीकत है। शिवरीनारायण थाना पहुंचे पीड़ित प्रोफेसर राम कुमार सिंह कंवर ने बताया कि उनके साथ न सिर्फ लूट हुई, बल्कि आरोपियों ने उन्हें बंधक बनाकर नग्न वीडियो रिकॉर्ड किया और वायरल करने की धमकी देते हुए मोटी रकम की मांग रखी। इस पूरे मामले ने इलाके में खलबली मचा दी है।
कैसे शुरू हुआ अपहरण और ब्लैकमेल का खेल?
28 नवंबर की शाम प्रोफेसर को एक ऐसा फोन आया जिसने पूरी ज़िंदगी का संतुलन बिगाड़ दिया। फ़ोन करने वाला व्यक्ति खुद को परिचित बताकर मिलने के लिए बुलाता है। भरोसा वही चीज़ थी जिसने आगे रास्ता खोला। जब प्रोफेसर बताए गए स्थान पर पहुंचे, वहां एक व्यक्ति मौजूद था। बातचीत शुरू (Professor Kidnapping Case) भी ठीक से नहीं हुई थी कि चार और लोग अचानक पहुंच गए। देखते ही देखते बहस मारपीट में बदली और प्रोफेसर के पास रखे 2900 रुपये छीने गए।
इसके बाद आरोपियों ने उन्हें सुनसान जगह ले जाकर पीटा, कपड़े उतरवाए और न्यूड वीडियो शूट किया। फिर धमकी — “वीडियो वायरल करेंगे, 25 लाख दो।”
घबराहट में प्रोफेसर ने कहा — खाते में 15 लाख हैं, उसी का चेक दिया। धमकी और दहशत के बीच उन्हें छोड़ा गया, लेकिन अगले दिन बैंक बुलाकर पैसे निकालने का दबाव बनाया गया।
जब बैंक में आरोपियों ने फिर पैसे मांगे तो प्रोफेसर चुप नहीं रहे। उन्होंने विरोध किया, आवाज़ उठाई और मामले ने पलटवार ले लिया। हंगामा होते ही आरोपी भाग निकले और प्रोफेसर ने थाने जाकर FIR दर्ज करा दी।
उधारी ने बनाई साजिश — टीचर, CAF जवान और एक नाबालिग भी शामिल
शिवरीनारायण पुलिस ने जांच में तेजी दिखाई और पांच लोगों को पकड़ लिया —
गिरफ्तार आरोपी पहचान
करण दिनकर CAF जवान
कार्तिकेश्वर रात्रे शिक्षक
अरुण मनहर आरोपी
श्याम सिन्हा आरोपी
एक नाबालिग हिरासत में
पूछताछ में साजिश का कारण चौंकाने वाला था — उधारी चुकाने के लिए लूट की योजना।
जांच में सामने आया कि शिक्षक कार्तिकेश्वर रात्रे ही इस पूरी योजना का मुख्य सूत्रधार (Professor Kidnapping Case) था। उनका मकसद जल्दी पैसा खड़ा करना था, और प्रोफेसर आसान लक्ष्य समझे गए। लेकिन बैंक में विरोध और शोर ने पूरे प्लान की कमर तोड़ दी।
पुलिस कार्रवाई — धाराएं, बरामदगी और अगला कदम
एसडीओपी यदुमणि सिदार के अनुसार सभी आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस ने बाइक और 5 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराएं लगाई गई हैं —
140(2), 308(2), 309(6), 61(2) IPC
मामले की आगे की कार्रवाई जारी है।
निष्कर्ष
परिचित की आवाज़ पर भरोसा करना महंगा पड़ा।
उधार चुकाने की लालच ने पांच ज़िंदगियों का रास्ता जेल की ओर मोड़ दिया।
और एक प्रोफेसर जिसने डर के बजाय विरोध चुना — वही इस कहानी का मोड़ साबित हुआ।





