सीजी भास्कर, 23 दिसंबर। पंजाब (Punjab News) के पटियाला में पूर्व इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IG) अमर सिंह चहल ने खुदखुशी करने की कोशिश की। उन्होंने अपने सिक्योरिटी गॉर्ड की रिवॉल्वर ली और खुद को गोली मार ली। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सुसाइड का कदम उठाने से पहले उन्होंने 12 पेज का सुसाइड नोट लिखा। उन्होंने इसमें अपने साथ हुए 8 करोड़ के ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायत की है। उन्होंने कुछ लोगों से पैसे उधार भी लिए थे। पूर्व आईपीएस ने अपने सुसाइड नोट में आगे लिखा कि उनकी फैमिली को सिक्योरिटी दी जाए। उन्होंने पंजाब पुलिस (Punjab News) के डीजीपी से सीबीआई जांच करवाने की मांग भी की।
चहल ने ये सुसाइड नोट अपने दोस्तों को भेजा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना के समय उनका बेटा भी घर में मौजूद था। उसने ही यह सूचना पुलिस को दी। बता दें अमर सिंह चहल रिटायर होने के बाद पटियाला में रह रहे थे।
साइबरों ठगों का हुए शिकार
पूर्व आईजी ने अपने सुसाइड नोट में डीजीपी को संबोधित करते हुए लिखा कि अत्यंत दुख और निराशा के साथ मैं आपके संज्ञान में यह लाना चाहता हूं कि मुझे कुछ साइबर ठगों द्वारा धोखा दिया गया। उन्होंने खुद को वेल्थ इक्विटी एडवाइजर बताया और मुझसे 8.10 करोड़ रुपए ठग लिए।
उन्होंने आगे लिखा, मैं यह स्वीकार करते हुए खेद प्रकट करता हूं कि मैंने पैसों से लेन-देन करते समय पूरी सावधानी नहीं बरती। वास्तव में मैंने इस ग्रुप को वॉट्सऐप और टेलीग्राम पर बहुत एक्टिव पाया। जिसमें ठग दावा कर रहे थे कि वे डीबीएस ग्रुप चलाते हैं, जो कि भारत सरकार और SEBI द्वारा मान्यता प्राप्त है।
इसका उद्देश्य खुदरा निवेशकों को शिक्षित करना है जिससे उनकी कैपिटल मार्केट से नियंत्रित तरीके से अच्छा मुनाफा कमाने में मदद की जा सके। उनकी बातों में आकर मेरे द्वारा एक्सिस, HDFC और ICICI बैंक के खातों से 8 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। इसमें से मैंने करीब 7 करोड़ रुपये उधार लिए थे।
उन्होंने आगे लिखा कि मैं मानसिक अवसाद से पीड़ित हूं। अभी तक मैंने इसके बारे में अपने परिवार को पूरी जानकारी नहीं दी है। मैं अपने परिवार की सुरक्षा चाहता हूं, जिन लोगों से मैंने उधार लिया है, उनसे राहत की मांग करता हूं और ठगों द्वारा मुझसे वसूली गई रकम मेरे परिवार को लौटाए जाने की अपील करता हूं।





