सीजी भास्कर 30 दिसम्बर PWD Development Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ में लोक निर्माण विभाग के कामकाज को लेकर उप मुख्यमंत्री एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री अरुण साव ने नवा रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में एक विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीते दो वर्षों की उपलब्धियां सामने रखीं। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि सरकार बनने के बाद अब तक 1126 विकास कार्यों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनकी कुल लागत 8092 करोड़ रुपये है .
साल-दर-साल बढ़ता निवेश
डिप्टी सीएम साव के अनुसार वर्ष 2023-24 में 81 कार्यों के लिए 550 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा तेज़ी से बढ़ते हुए 436 कार्यों और 2589 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यह बदलाव बताता है कि सरकार का फोकस योजनाओं से आगे बढ़कर ज़मीन पर काम कराने पर है.
2025-26 में सड़क, पुल और भवनों पर बड़ा दांव
आने वाले वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने 608 नई सड़कों के निर्माण का लक्ष्य तय किया है। इसके अलावा पुल और भवन निर्माण कार्यों के लिए 4950 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है, जिनकी प्रशासकीय प्रक्रिया जारी है। केवल इसी अवधि में 4824 करोड़ रुपये की निविदाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं.
ज़मीन पर चल रहा है काम
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक फिलहाल 3641 सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अब तक 164 पुल पूरे हो चुके हैं, जबकि 143 पुलों का काम जारी है। भवन निर्माण की बात करें तो 252 भवन पूरे हो चुके हैं और 265 पर काम चल रहा है। यह स्थिति बताती है कि योजनाएं सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं हैं.
विभागीय ढांचे में भी हुआ विस्तार
अरुण साव ने बताया कि विभाग में 371 मुख्य अभियंता पदों पर पदोन्नति की गई है। इसके साथ ही 7 नए संभागीय कार्यालय और 12 उप-संभागीय कार्यालय सृजित किए गए हैं। प्रशासनिक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ कार्यों की निगरानी को भी मजबूत किया गया है।
नई विधानसभा बना प्रतीक
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम ने नई विधानसभा भवन का भी उल्लेख किया, जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री के कर-कमलों से हुआ। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के इंफ्रास्ट्रक्चर इतिहास की एक बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि यह भवन राज्य की नई पहचान का प्रतीक बनेगा।




