सीजी भास्कर, 23 दिसंबर 2025। राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। सड़क निर्माण कार्य में अनियमितता और गिरफ्तारी के बाद लोक निर्माण विभाग के एक कार्यपालन अभियंता और दो अनुविभागीय अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है, जिसे विभागीय स्तर पर निलंबन कार्रवाई (PWD Suspension) के रूप में देखा जा रहा है।
बीजापुर जिले के नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालुर मार्ग निर्माण कार्य में हुए भ्रष्टाचार के मामले में गंगालूर थाना में अपराध दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान अधिकारियों की संलिप्तता सामने आने पर विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए निलंबन (PWD Suspension) का आदेश जारी किया।
इस कार्रवाई में लोक निर्माण विभाग संभाग सुकमा के कार्यपालन अभियंता हरनारायण पात्र, उपसंभाग क्रमांक-1 बीजापुर के अनुविभागीय अधिकारी प्रमोद सिंह तंवर तथा सेतु उपसंभाग जगदलपुर के अनुविभागीय अधिकारी संतोष दास को शामिल किया गया है। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद मंत्रालय से निलंबन आदेश जारी हुए।
निलंबन अवधि में तीनों अधिकारियों का मुख्यालय प्रमुख अभियंता कार्यालय, नवा रायपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई (PWD Suspension) भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में स्पष्ट संदेश है कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



