सीजी भास्कर, 18 अप्रैल : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने साथ ही इस पूरे मामले को जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को ट्रांसफर करने की बात भी कही है। इस फैसले (Rahul Gandhi FIR) के बाद राजनीतिक और कानूनी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला
यह आदेश कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर द्वारा दायर एक याचिका पर दिया गया है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने कथित रूप से ब्रिटिश नागरिकता ली हुई है। उन्होंने कोर्ट के समक्ष ऐसे दस्तावेज और साक्ष्य पेश करने का दावा किया है, जिनसे संकेत मिलता है कि राहुल गांधी यूनाइटेड किंगडम में मतदाता के रूप में दर्ज रहे हैं और वहां के चुनावों से जुड़े रिकॉर्ड मौजूद हैं। इस पूरे विवाद (Rahul Gandhi FIR) ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
अब तक का घटनाक्रम
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने गृह मंत्रालय के फॉरेनर्स डिवीजन को मामले से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मंत्रालय ने संबंधित फाइलें हाईकोर्ट के समक्ष पेश कीं। दस्तावेजों की जांच के आधार पर कोर्ट ने आगे की कार्रवाई (Rahul Gandhi FIR) का आदेश जारी किया।
इससे पहले 28 जनवरी 2026 को MP-MLA कोर्ट ने इसी तरह की याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि नागरिकता से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है। हालांकि अब हाईकोर्ट के इस फैसले ने मामले को नया मोड़ दे दिया है और FIR दर्ज करने का रास्ता साफ किया है (Rahul Gandhi FIR)।
किन कानूनों के तहत मांग
याचिकाकर्ता ने राहुल गांधी पर राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकता से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। याचिका में विभिन्न कानूनों के तहत केस दर्ज करने की मांग की गई है, जिनमें शामिल हैं
भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराएं
ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट 1923
पासपोर्ट एक्ट 1967
फॉरेनर्स एक्ट 1946
इन कानूनों के तहत संभावित कार्रवाई (Rahul Gandhi FIR) को लेकर कानूनी विशेषज्ञों की नजरें अब आगामी प्रक्रियाओं पर टिकी हुई हैं।
अब आगे क्या
इस घटनाक्रम के बाद आने वाले समय में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो सकती हैं और कानूनी प्रक्रिया भी गति पकड़ सकती है। फिलहाल यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।


