सीजी भास्कर, 26 अगस्त। राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने सोमवार को अंबिकापुर के खरसिया रोड स्थित शंकर ट्रेडर्स में छापा मारा। यहां टीम ने 37 बोरी यूरिया जब्त किया।
खास बात यह रही कि दुकान के बाहर नोटिस चस्पा किया गया था कि यूरिया उपलब्ध नहीं है जबकि अंदर खाद भरा पड़ा मिला। इसे खाद की कालाबाजारी के रूप में देखा जा रहा है।
दुकान में कई किसान भी खाद लेने पहुंचे थे। उनका कहना है कि यूरिया की किल्लत से उन्हें परेशानी हो रही है। ऊंचे दर पर यूरिया की बिक्री कर किसानों का आर्थिक शोषण भी किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार शंकर ट्रेडर्स में यूरिया की उपलब्धता होने के बाद भी किसानों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। किसानों ने इसकी शिकायत की थी।
कृषकों की ओर से प्राप्त शिकायत के आधार पर, जिला स्तरीय संयुक्त टीम (कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग) की ओर से खरसिया रोड स्थित मेसर्स शंकर ट्रेडिंग कंपनी के परिसर का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान हुआ खुलासा
निरीक्षण के दौरान परिसर में यूरिया नहीं है की सूचना चस्पा की गई थी जबकि भौतिक रूप से परिसर में 37 बोरी यूरिया का भंडारण उपलब्ध पाया गया।
प्रदर्शित सूचना और वास्तविक भंडारण के मध्य अंतर पाए जाने के कारण संबंधित फर्म को नोटिस जारी किया गया तथा उक्त यूरिया के विक्रय पर प्रतिबंध लगाते हुए उसे सील कर कंपनी के प्रोपराइटर अभिषेक अग्रवाल को अभीरक्षा हेतु सुपुर्द किया गया।
पूरी कार्रवाई के दौरान कृषि विभाग की टीम दुकान संचालक के प्रति उदार नजर आई।
यह जानने का प्रयास नहीं किया गया कि यूरिया की उपलब्धता के बाद भी उसे किसानों को क्यों नहीं उपलब्ध कराया जा रहा था जबकि किसान नकद राशि देकर यूरिया खरीदने के लिए तैयार थे।
कार्रवाई के दौरान पीएस दीवान उप संचालक कृषि, अम्ब्रोस टोप्पो अनुविभागीय कृषि अधिकारी,अभिषेक झा, सहायक संचालक कृषि, उमेश्वर सिंह बाज तहसीलदार, जे आलम उर्वरक निरीक्षक उपस्थित थे।
सुबह ट्रक में आई थी खाद
किसानों ने दावा किया कि सोमवार सुबह ही दुकान में यूरिया की खेप पहुंची थी।
एक ट्रक में लगभग 600 बोरी यूरिया आया, लेकिन कुछ ही घंटों में वह माल कहां गया इसका पता नहीं चल सका।
नियमानुसार यूरिया की आपूर्ति पॉस मशीन में दर्ज कर किसानों को अंगूठा लगाकर बेचा जाना चाहिए, लेकिन रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं मिला।
दुकान में यूरिया मिलने के बावजूद न तो दुकान सील की गई और न ही व्यापारी के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई।
टीम ने केवल 37 बोरी यूरिया जब्त कर कार्रवाई पूरी मान ली।
दोगुने दाम पर खरीदना पड़ रहा यूरिया- किसान
यूरिया लेने आए किसान गेंदराम टोप्पो व कमलेश्वर खलखो ने बताया कि यूरिया की अभी जरूरत है लेकिन मिल नहीं रहा है। कहीं-कहीं दोगुने दाम में यूरिया की बिक्री की जा रही है।
यूरिया की किल्लत का फायदा उठाकर व्यापारी मनमानी वसूली कर रहे हैं।
सरगुजा संभाग के ग्रामीण अंचलों में किसानों को 600 से 1000 रुपये प्रति बोरी तक यूरिया खरीदना पड़ रहा है। सहकारी समितियों में भी खाद उपलब्ध नहीं है।