Raigarh Forest Action अभियान के तहत उड़नदस्ता टीम ने अलग-अलग लोकेशनों पर अचानक चेकिंग की—रात के समय मूवमेंट ट्रैक किया गया, रास्तों की प्रोफाइलिंग हुई और संवेदनशील प्वाइंट्स पर नाकेबंदी लगाई गई। नतीजा यह रहा कि कम समय में कई ट्रैक्टर पकड़े गए और नेटवर्क का नक्शा सामने आया।
जोरापाली के पास लकड़ी से भरा ट्रैक्टर, ड्राइवर फरार
(Raigarh Forest Action) के दौरान शुरुआती कार्रवाई में जोरापाली के समीप प्रतिबंधित मिश्रित प्रजाति की लकड़ी से भरा ट्रैक्टर रोका गया। मौके पर चालक वाहन छोड़कर भाग निकला—वाहन को कब्जे में लेकर डिपो भेजा गया और रूट-मैप के आधार पर आगे की जांच बढ़ाई गई।
(Raigarh Forest Action) के तहत खरसिया-रायगढ़ मार्ग पर चेकिंग के दौरान पत्थर लदे ट्रैक्टरों को रोका गया। पूछताछ में परिवहन दस्तावेज़ों में विसंगति मिली—दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर प्रकरण दर्ज किया गया और वाहनों को सीज़ किया गया।
वनभूमि पर मिट्टी भराव के मामले उजागर
(Raigarh Forest Action) जांच में वनक्षेत्र के भीतर अनधिकृत मिट्टी डालने की गतिविधि सामने आई। ट्रैक्टरों की ट्रैक-हिस्ट्री और समय-रेखा मिलान से ऑपरेशन का पैटर्न समझा गया—जिससे आगे की निगरानी रणनीति बदली गई।
(Raigarh Forest Action) अभियान के अंतिम चरण में एनएच पर लकड़ी से भरे ट्रैक्टर को रोका गया। मौके पर तौल-मिलान, प्रजाति सत्यापन और दस्तावेज़ जांच के बाद वाहन जब्त कर आरोपियों पर कार्रवाई की गई—जब्त सामग्री को सुरक्षित डिपो में रखा गया।
राजसात प्रक्रिया, मुखबिर तंत्र और आगे की रणनीति
(Raigarh Forest Action) के तहत जब्त ट्रैक्टरों को राजसात की प्रक्रिया में डाला गया है। विभाग ने गश्त का दायरा बढ़ाया, मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और संवेदनशील कॉरिडोर पर रूट-आडिट शुरू किया—ताकि अवैध लकड़ी व खनिज ढुलाई पर स्थायी अंकुश लगे।





