सीजी भास्कर, 15 जनवरी। रायगढ़ जिले में श्रमिकों की सुरक्षा एवं औद्योगिक मानकों (Raigarh Industrial Safety Penalty) के उल्लंघन के मामले में 6 औद्योगिक इकाइयों के अधिभोगियों और प्रबंधकों को श्रम न्यायालय द्वारा अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। यह कार्रवाई जिले में औद्योगिक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों की सतत निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान पाए गए गंभीर उल्लंघनों के आधार पर कार्यालय उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, रायगढ़ ने कारखाना अधिनियम, 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली, 1962 और भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की।
उप संचालक के निरीक्षण और श्रम न्यायालय में प्रस्तुत 6 आपराधिक प्रकरणों के तहत विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के अधिभोगियों एवं प्रबंधकों को अर्थदण्ड से दंडित किया गया। मेसर्स जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (1 एमपीए स्लैग ग्राइंडिंग यूनिट), खरसिया रोड, रायगढ़ के अधिभोगी सब्यसाची बन्योपाध्याय और कारखाना प्रबंधक अमरेश पांडे को 1.50 लाख रुपये का अर्थदण्ड दिया गया। मेसर्स नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में अधिभोगी सरदार सिंह राठी एवं प्रबंधक रविन्द्र सिंह चौहान को 1.40 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
इसी प्रकार, मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के उल्लंघन पर संचालक विनय कुमार शर्मा और ठेकेदार अजय कुमार दास को 6-6 हजार रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया। इसके अतिरिक्त इस इकाई में कारखाना अधिनियम उल्लंघन के प्रकरण में अधिभोगी विनय कुमार शर्मा एवं प्रबंधक जी.के. मिश्रा को कुल 2.80 लाख रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
मेसर्स एनआरव्हीएस स्टील्स लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में अधिभोगी और प्रबंधक श्री पवन अग्रवाल को 1.60 लाख रुपये और मेसर्स एन.आर. इस्पात एंड पावर प्रा.लि., ग्राम गौरमुड़ी, पोस्ट सराईपाली में अधिभोगी एवं प्रबंधक श्री मोहित कुमार मिश्रा को 1.60 लाख रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया। (Raigarh Industrial Safety Penalty)
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली इकाइयों के विरुद्ध कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश जाता है कि (Raigarh Industrial Safety Penalty) के उल्लंघन पर प्रशासन शून्य सहिष्णुता का नीति अपनाएगा।


