रायगढ़ जिले में धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और अनुशासित बनाए रखने प्रशासन लगातार कड़ी निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में सेवा सहकारी समिति केशला में निरीक्षण के दौरान बड़ा मामला (Raigarh Rice Scam Raid) सामने आया, जहां मोबाइल ऐप से टोकन लेकर आए धान की गुणवत्ता पर संदेह जताया गया।
जांच में स्पष्ट पाया गया कि कृषक हिमांचल चौहान पुरानी रबी फसल का धान लेकर पहुंचा था। धान में नमी मात्र 12.2 प्रतिशत थी और किसान ने स्वयं स्वीकार किया कि वह पूर्व सीजन का धान है ।
सूचना मिलते ही तहसीलदार लैलूंगा मौके पर पहुंचे। जांच में पुष्टि हुई कि किसान ने 100 क्विंटल का टोकन कटवाकर पुराना धान बेचने की कोशिश की। जब धान नियम अनुसार जप्त किया गया तो कृषक ने सहयोग से इंकार कर दिया और समिति परिसर में अभद्र व्यवहार करते हुए हंगामा किया। स्थिति यहां तक पहुंची कि उसने जप्त धान और ट्रैक्टर में पेट्रोल डालकर आग लगा देने की धमकी दी और दोनों वहीं छोड़कर भाग गया।
तहसीलदार ने अमानक धान और ट्रैक्टर जब्त कर समिति प्रबंधक को सुपुर्द किया। प्रशासन के अनुसार यह कृत्य परिशांति भंग करने वाला है। पूरे मामले पर किसान के खिलाफ थाना लैलूंगा में 126/135(3) बी.एन.एस.एस. के तहत FIR (Raigarh Rice Scam Raid) दर्ज कर ली गई ।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने स्पष्ट चेतावनी दी है — रायगढ़ में पुराने धान की खरीदी, मिलावट या परिवहन को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी उपार्जन केंद्रों में प्रतिदिन औचक निरीक्षण किया जा रहा है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल मानक और स्वच्छ धान ही केंद्रों में लेकर आएं अन्यथा कड़ी कार्रवाई तय है।





