सीजी भास्कर, 3 जनवरी। ‘एक देश, एक रेलवे’ की परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए रेलवे अब “एक रेलवे, एक एप” (RailOne App) व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत अनारक्षित टिकटों की बुकिंग के लिए उपयोग में आ रहा यूटीएस मोबाइल एप (UTS App) मार्च 2026 से पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। उसकी जगह रेलवन मोबाइल एप (RailOne App) ही देशभर में रेल सेवाओं के लिए एकमात्र अधिकृत एप होगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भविष्य में अनारक्षित टिकटों की बुकिंग केवल रेलवन एप से ही की जा सकेगी। यात्रियों को अलग-अलग सेवाओं के लिए अलग एप डाउनलोड करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। रेलवे ने रेलवन एप से टिकट बुकिंग करने पर तीन प्रतिशत किराये में छूट देने की भी घोषणा की है, जो 14 जनवरी से लागू होगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक यात्रियों को रेलवन एप से जोड़ना है।
वर्तमान में बड़ी संख्या में रेलयात्री यूटीएस एप के जरिए अपने मोबाइल फोन से ही अनारक्षित टिकट खरीदते हैं। इससे उन्हें न तो टिकट खिड़की पर लाइन में लगना पड़ता है और न ही एटीवीएम मशीन पर जाना पड़ता है। मोबाइल से ही सीधे टिकट बुक कर यात्रा करना आसान हो गया था। लेकिन रेलवे ने अब यूटीएस एप को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यूटीएस एप पर पहले ही सीजन टिकट (मंथली पास) बुक करने का विकल्प हटा दिया गया है। अगले तीन महीनों में इस एप को पूरी तरह डिस्कनेक्ट कर दिया जाएगा। दक्षिणी रेलवे ने इस दिशा में पहल करते हुए काम शुरू कर दिया है। वाणिज्य विभाग को निर्देश जारी किए गए हैं कि रेलवे बोर्ड के निर्णय के अनुसार 1 मार्च 2026 से यूटीएस मोबाइल एप सेवा समाप्त कर दी जाएगी और रेलवन एप ही अनारक्षित टिकटों की बुकिंग के लिए एकमात्र अधिकृत प्लेटफॉर्म होगा।
रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि रेलवन एप पर यात्रियों को सभी जरूरी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। इस एप से न केवल अनारक्षित टिकट, बल्कि आरक्षित टिकटों की बुकिंग भी की जा सकेगी। ऐसे में यात्रियों के लिए किसी अन्य रेलवे एप की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।


