सीजी भास्कर, 9 अक्टूबर। रेल यात्रा के दौरान यदि कोई यात्री बीमार हो जाए या किसी दुर्घटना में घायल हो जाए, तो अब उसे तत्काल आपातकालीन उपचार (Railway Emergency Medical Room) मिल सकेगा। पहले यात्रियों को ऐसी स्थिति में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था, क्योंकि न तो ट्रेन में उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध थी और न ही अधिकांश रेलवे स्टेशनों पर चिकित्सक मौजूद रहते थे।
इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए रेलवे मंत्रालय ने निर्णय लिया है कि नई दिल्ली समेत देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आपातकालीन चिकित्सा कक्ष (Emergency Medical Room – EMR) स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर 24 घंटे इलाज की सुविधा उपलब्ध रहेगी। आवश्यकता होने पर मरीज को नजदीकी अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर भी भेजा जाएगा।
त्योहारों और भीड़भाड़ के दिनों में राहत
त्योहारों और भारी भीड़ वाले दिनों में रेलवे स्टेशनों पर आपातकालीन चिकित्सा की अस्थायी व्यवस्था की जाती थी, लेकिन अक्सर वहां केवल पैरामेडिकल स्टाफ (Railway Emergency Medical Room) ही तैनात रहते थे और उनके पास सीमित संसाधन होते थे। अब इन आपातकालीन कक्षों में प्रशिक्षित डॉक्टर, नर्सें और पूर्ण उपकरणों से लैस चिकित्सा दल तैनात रहेंगे।
यहां जीवन रक्षक दवाएं, प्राथमिक उपचार की सामग्री और ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध होंगे। ट्रेन में यात्रा के दौरान यदि कोई यात्री बीमार पड़ता है, तो वह रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल कर, मदद मोबाइल ऐप या टीटीई से संपर्क कर चिकित्सा सहायता प्राप्त कर सकेगा। यदि मरीज की हालत गंभीर है, तो ट्रेन को उस स्टेशन पर रोका जाएगा जहां ईएमआर सुविधा (Railway Emergency Medical Room) मौजूद होगी, ताकि तत्काल उपचार मिल सके।
दिल्ली मंडल में पहले शुरू होगी सुविधा
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पहाड़गंज और अजमेरी गेट दोनों ओर यह सुविधा शुरू की जाएगी। इसके साथ ही पुरानी दिल्ली, आनंद विहार टर्मिनल, हजरत निजामुद्दीन, दिल्ली सराय रोहिल्ला, गाजियाबाद, मेरठ सिटी, पानीपत और रोहतक जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी आपातकालीन चिकित्सा कक्ष (Railway Emergency Medical Room) खोले जाएंगे।
रेलवे ने इस सेवा को निजी भागीदारी (Public-Private Partnership) मॉडल पर शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके लिए दिल्ली मंडल द्वारा निविदाएं आमंत्रित की जा चुकी हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा में ऐतिहासिक सुधार साबित होगा।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी थी विशेषज्ञ समिति
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में प्राथमिक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए एम्स दिल्ली के विशेषज्ञों की एक समिति गठित की गई थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर अब रेलवे ने मेडिकल बॉक्स में सभी आवश्यक जीवनरक्षक दवाएं, उपकरण और ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में जानकारी दी थी कि प्रत्येक स्टेशन और ट्रेन में मेडिकल बॉक्स की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। साथ ही टीटीई, गार्ड, स्टेशन मास्टर और अन्य फ्रंटलाइन कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार (First Aid) का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। यह कदम यात्रियों को न सिर्फ सुरक्षा प्रदान करेगा, बल्कि रेलवे की छवि को एक यात्री-हितैषी और जिम्मेदार संगठन के रूप में भी मजबूत बनाएगा।


