रायपुर में चल रहे परीक्षा सत्र के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने की शिकायत पर पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए डीजे वाहन और साउंड सिस्टम को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई को शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है, जहां (Raipur DJ Noise Crackdown) जैसे मामलों पर अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
Raipur DJ Noise Crackdown में तय सीमा से दोगुनी आवाज दर्ज
जांच के दौरान साउंड लेवल मीटर से ध्वनि स्तर मापा गया, जो 95 से 110 डेसिबल के बीच पाया गया। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्तर न केवल कानों के लिए नुकसानदायक है, बल्कि मानसिक एकाग्रता पर भी गहरा असर डालता है। (High Decibel Sound Issue) जैसी समस्याएं छात्रों की तैयारी को प्रभावित कर सकती हैं, खासकर परीक्षा के दिनों में।
पुलिस को मौके पर पता चला कि संबंधित संचालक के पास डीजे संचालन की वैध अनुमति नहीं थी। परीक्षा अवधि के दौरान बिना परमिशन तेज ध्वनि फैलाना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन माना जाता है। प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि (Exam Time Noise Ban) के दौरान किसी भी तरह का शोर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Raipur DJ Noise Crackdown से पहले भी हो चुकी हैं गंभीर घटनाएं
बीते कुछ समय में प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में तेज आवाज के कारण जानलेवा हादसे सामने आ चुके हैं। कहीं मकान का हिस्सा गिरा, तो कहीं भीड़ में भगदड़ जैसी स्थिति बनी। इन घटनाओं ने (Public Noise Safety) को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते अब निगरानी और सख्त कर दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार 50 डेसिबल से अधिक शोर में रहने से सुनने की क्षमता कमजोर हो सकती है, सिरदर्द, चिड़चिड़ापन और नींद न आने जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। परीक्षा के समय ऐसा माहौल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डालता है, इसलिए (Noise Pollution Health Risk) को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।
Raipur DJ Noise Crackdown के बाद पुलिस की कड़ी निगरानी
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि परीक्षा सत्र के दौरान शहर के संवेदनशील इलाकों में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। डीजे, साउंड सिस्टम और अन्य शोर फैलाने वाले उपकरणों पर नजर रखी जाएगी। नियम तोड़ने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई होगी, ताकि (Strict Noise Control) का संदेश साफ तौर पर जाए।





