अंतरराज्यीय शराब घोटाले की जांच के सिलसिले में झारखंड की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने छत्तीसगढ़ के रायपुर और दुर्ग जिलों में एक साथ छापेमारी (Raipur Durg liquor case) की है। अचानक हुई इस कार्रवाई से शराब कारोबार से जुड़े क्षेत्रों में हलचल मच गई। टीम ने दोनों जिलों में कुछ चुनिंदा ठिकानों पर दस्तावेजों, खातों और लेन-देन से जुड़ी जानकारी खंगाली।
जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई झारखंड में सामने आए शराब घोटाले से जुड़े सप्लाई चैन और आर्थिक लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने के उद्देश्य से की गई है। जांच एजेंसी को संदेह है कि शराब आपूर्ति से जुड़ा नेटवर्क केवल एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार दूसरे राज्यों तक फैले हुए हैं।
इससे पहले इसी मामले में जांच एजेंसियों ने एक आरोपी को दूसरे राज्य से गिरफ्तार (Raipur Durg liquor case) किया था। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर ही छत्तीसगढ़ में कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया। माना जा रहा है कि इसी पूछताछ से मिले इनपुट के बाद रायपुर और दुर्ग को जांच के केंद्र में रखा गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि शराब आपूर्ति प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर लेन-देन किया गया, जिससे संबंधित राज्य को भारी राजस्व नुकसान हुआ। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में कौन-कौन से लोग और संस्थाएं शामिल थीं।
बताया जा रहा है कि संबंधित आरोपी ने पहले कानूनी राहत लेने की कोशिश की थी, लेकिन राहत नहीं मिलने के बाद वह जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर चला गया (Raipur Durg liquor case) था। बाद में उसे गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की गई। इसके बाद से जांच ने तेज़ रफ्तार पकड़ ली है।
रायपुर और दुर्ग में की गई यह छापेमारी उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। जांच एजेंसियों का फोकस अब पूरे नेटवर्क की पहचान और वित्तीय लेन-देन की परतें खोलने पर है। आने वाले दिनों में इस मामले में और कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।


