सीजी भास्कर, 15 नवंबर | Raipur Fetus Case | अस्पताल परिसर में मिला 5–6 महीने का भ्रूण, स्टाफ में दहशत
रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब कचरा रखने वाले क्षेत्र के पास 5–6 महीने का भ्रूण मिला। यह घटना 7 नवंबर की है, लेकिन अब मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि भ्रूण अस्पताल के डस्टबिन के नीचे प्लास्टिक में लिपटा हुआ रखा गया था, जिससे स्टाफ भी हैरान रह गया।
सफाई कर्मचारियों को दिखा कुछ संदिग्ध, खोलकर देखा तो मिला भ्रूण
रोज़ की तरह सफाई कर रही दो कर्मचारी—मनीषा साहू और मीरा मुर्मू—ने सबसे पहले प्लास्टिक में लिपटा वह पैकेट देखा। पैकेट के आकार और वजन पर शक होने के बाद जब इसे खोला गया, तो अंदर अविकसित भ्रूण मिला। इस दृश्य को देखकर दोनों कर्मचारी घबरा गईं और तुरंत उच्च अधिकारियों को सूचना दी।
जन्म छुपाने की नीयत?—पुलिस को शुरुआती जांच में यही संकेत मिले
जांच के शुरुआती चरण में पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि किसी ने जन्म को गुप्त रखने या पहचान छुपाने के इरादे से भ्रूण (hidden birth disposal) को अस्पताल परिसर में छोड़ दिया।
इस मामले को गंभीर अपराध मानते हुए थाना मौदहापारा ने धारा 94 (BNS) के तहत FIR दर्ज कर ली है और अब जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।
Raipur Fetus Case Investigation | CCTV में दिखे तीन लोग, एक महिला ने छोड़ा पैकेट
पुलिस सात दिनों से लगातार मेकाहारा परिसर के अंदर-बाहर लगे CCTV फुटेज को खंगाल रही है। फुटेज में तीन लोग स्कूटी से आते दिखाई देते हैं। इनमें एक महिला बुर्का पहने हुए नज़र आती है।
वीडियो में स्पष्ट दिखता है कि वही महिला प्लास्टिक का पैकेट लेकर डस्टबिन की ओर बढ़ती है और उसे वहीं छोड़कर चली जाती है।
यह वही फुटेज है जो घटना वाले दिन ही सुरक्षा टीम ने पुलिस को सौंप दिया था। इसके बाद से पुलिस लगातार संदिग्धों की पहचान करने की कोशिश में जुटी है।
आरोपी अब तक फरार, पुलिस की टीमें लगातार तलाश में
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में भी फुटेज की तलाश शुरू कर दी है, ताकि उन रास्तों का पता लगाया जा सके जहाँ से आरोपी अस्पताल की ओर आए थे।
पुलिस की मानें तो यह मामला केवल भ्रूण त्यागने का नहीं है बल्कि यह illegal termination (illegal termination case) से भी जुड़ सकता है, इसलिए जांच और भी संवेदनशील तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।
मेकाहारा प्रबंधन भी सतर्क, सुरक्षा में बदलाव की तैयारी
घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर समीक्षा की है। कचरा निस्तारण क्षेत्र की निगरानी बढ़ाई गई है, साथ ही यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बाहर से आने वाला कोई भी व्यक्ति बिना जांच के संवेदनशील ज़ोन में प्रवेश न करे।
अस्पताल का कहना है कि परिसर में आए बाहरी व्यक्तियों की पहचान जल्द किए जाने की उम्मीद है।
Raipur Fetus Case का अगला कदम—पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेंगे कई राज़
फिलहाल पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसमें भ्रूण की उम्र, गर्भावस्था की स्थिति, और अन्य महत्वपूर्ण तथ्य सामने आएंगे।
ऐसा माना जा रहा है कि रिपोर्ट इस पूरे मामले की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाएगी।


