सीजी भास्कर, 17 जनवरी। राजधानी रायपुर के अमानाका थाना क्षेत्र अंतर्गत टाटीबंद इलाके में शनिवार सुबह एक हृदयविदारक (Raipur Fire Accident) और झकझोर देने वाला हादसा सामने आया। यहां एक मकान में अचानक लगी आग के दौरान 70 वर्षीय बुजुर्ग की ज़िंदा जलकर मौत हो गई। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घर के भीतर फंसे बुजुर्ग मदद के लिए चीखते रहे, लेकिन दरवाजा बाहर से बंद होने के कारण उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान राजकुमार गुप्ता (70) के रूप में हुई है। बताया गया कि परिवार के अन्य सदस्य पारिवारिक कार्य से मैहर गए हुए थे, जबकि उनका बेटा रोज़ की तरह सुबह काम पर निकल गया था। बेटा घर को बाहर से ताला लगाकर गया था और बुजुर्ग घर के भीतर सो रहे थे। मकान के निचले हिस्से में रखे कमरे में रूम हीटर चालू था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि रूम हीटर की वजह से ही हादसा (Raipur Fire Accident) हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह करीब 7.30 बजे अचानक घर से धुआं उठता दिखाई दिया और कुछ ही देर में आग की लपटें तेज़ हो गईं। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो अंदर से बुजुर्ग की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। पड़ोसियों ने तत्काल दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन बाहर से लगा ताला और आग की तेज़ लपटें उनके प्रयासों में बाधा बन गईं। आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि कोई भी अंदर प्रवेश करने की हिम्मत नहीं कर सका।
स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन आरोप है कि दमकल वाहन करीब डेढ़ घंटे की देरी से मौके पर पहुंचा। इस दौरान आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। लोगों का कहना है कि यदि समय पर दमकल पहुंच जाती तो शायद (रायपुर आग हादसा) में बुजुर्ग की जान बचाई जा सकती थी। फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखी गई और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश भी सामने आया।
दमकल कर्मियों द्वारा कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इसके बाद जब घर के भीतर तलाशी ली गई तो बुजुर्ग का पूरी तरह से जला हुआ शव बरामद हुआ। इस दृश्य ने मौके पर मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया। सूचना मिलने पर अमानाका थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी की गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले (Raipur Fire Accident) की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर रूम हीटर से आग लगने की बात सामने आ रही है, लेकिन अन्य संभावनाओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आग लगने के समय घर में कोई अन्य ज्वलनशील सामग्री तो मौजूद नहीं थी। (रायपुर आग हादसा) ने एक बार फिर घरों में हीटर और अन्य विद्युत उपकरणों के सुरक्षित उपयोग को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय नागरिकों ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए प्रशासन से फायर ब्रिगेड की तत्परता और आपातकालीन सेवाओं को और अधिक मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि ठंड के मौसम में हीटर के उपयोग के दौरान विशेष सावधानी आवश्यक है, वहीं समय पर राहत न पहुंचना किसी भी (रायपुर आग हादसा) को और अधिक भयावह बना देता है। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है और एक परिवार को कभी न भरने वाला घाव दे दिया है।





