सीजी भास्कर, 14 जनवरी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर शब्दों, विचारों और संस्कृति के महाकुंभ (Raipur Literature Festival 2026) का साक्षी बनने जा रही है। रायपुर साहित्य उत्सव 2026 के रूप में यह प्रतिष्ठित आयोजन 23 से 25 जनवरी तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में आयोजित किया जाएगा। तीन दिवसीय इस उत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और आयोजन समिति ने कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
रायपुर साहित्य उत्सव (Raipur Literature Festival 2026) की तैयारियों को लेकर नवा रायपुर स्थित संवाद भवन में आयोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें कार्यक्रम की संपूर्ण योजना, अतिथियों की सहभागिता, साहित्यिक सत्रों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तथा प्रचार-प्रसार की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने कहा कि रायपुर साहित्य उत्सव (Raipur Literature Festival 2026) केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की बौद्धिक, सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस उत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ की साहित्यिक चेतना और सांस्कृतिक विविधता देशभर तक पहुंचेगी।
रायपुर साहित्य उत्सव 2026 में देशभर के प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, लेखक, पत्रकार, विचारक और युवा रचनाकार एक साथ मंच साझा करेंगे। आयोजन के दौरान साहित्यिक संवाद, विचार-मंथन, पुस्तक विमोचन, कविता पाठ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और कला-प्रदर्शन जैसे विविध सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही एक भव्य पुस्तक मेले का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें देश के ख्यातिनाम प्रकाशन समूह भाग लेंगे।
नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन इस दौरान साहित्य और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बनेगा, जहाँ छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपरा और समकालीन साहित्यिक अभिव्यक्ति का सुंदर संगम देखने को मिलेगा। आयोजन स्थल को विशेष रूप से सजाया जाएगा ताकि आगंतुकों को एक जीवंत साहित्यिक वातावरण का अनुभव मिल सके।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि रायपुर साहित्य उत्सव 2026 को देश के प्रमुख साहित्यिक आयोजनों की श्रेणी में स्थापित करने के लिए ठोस और दीर्घकालिक प्रयास किए जा रहे हैं। यह उत्सव न केवल लेखकों और पाठकों को आपस में जोड़ेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सुदृढ़ करेगा।
बैठक में छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष शंशाक शर्मा, जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विश्वरंजन, अपर संचालक जनसंपर्क उमेश मिश्रा तथा आलोक देव ने भी आयोजन की सफलता को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव और मार्गदर्शन दिया। आयोजन से जुड़ी विस्तृत कार्यक्रम-सारणी और अतिथियों की सूची शीघ्र ही सार्वजनिक की जाएगी।



