छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में नगर निगम का बजट पेश होने से पहले ही माहौल गरमा गया। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से ठीक पहले कांग्रेस पार्षदों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। हाथों में पोस्टर और होठों पर ‘वादा तेरा वादा’ गाना—यह दृश्य देखते ही सदन का माहौल पूरी तरह बदल गया। (Raipur Municipal Budget 2026) से पहले ऐसा विरोध पहली बार देखने को मिला।
अधूरे वादों को लेकर घिरी सत्ता
विपक्षी पार्षदों का कहना था कि जब तक पुराने वादों पर चर्चा नहीं होगी, तब तक वे अपना विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता से किए गए कई वादे अब तक अधूरे हैं, और बिना उस पर जवाब दिए बजट पेश करना उचित नहीं है। (Opposition Protest) ने पूरे सदन को ठप कर दिया।
Suryakant Rathore ने जताई नाराजगी
सभापति Suryakant Rathore ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तख्तियां और पोस्टर हटाए बिना सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ेगी। उन्होंने इसे सदन की गरिमा के खिलाफ बताया और अनुशासन बनाए रखने की अपील की। (Council Chaos) की स्थिति लगातार बनी रही।
सदन में बढ़ी तीखी बहस
मामला तब और गरमा गया जब विपक्षी पार्षदों पर कार्रवाई को लेकर सभापति और एमआईसी सदस्य Manoj Verma के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा, जिससे सदन में शोर-शराबा और बढ़ गया। (Political Clash) ने पूरे माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया।
हंगामे के बीच पेश होगा बजट
हंगामे के बावजूद नगर निगम का बजट थोड़ी देर में पेश किया जाना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विरोध के इस माहौल के बीच प्रशासन किस तरह बजट को आगे बढ़ाता है और क्या विपक्ष अपनी मांगों पर कायम रहता है। (Budget Session Raipur) पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


