सीजी भास्कर, 23 दिसंबर। सोशल मीडिया पर कुछ ही सेकेंड का एक वीडियो सामने आया, और उसने अमलीडीह इलाके की वह तस्वीर उजागर कर दी, जिसे लंबे समय से लोग चुपचाप (Raipur Police Action) झेल रहे थे। सूखे नशे से जुड़ी गतिविधियों को दिखाता यह वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। देर शाम से लेकर रात तक इलाके में दबिशों का सिलसिला चला, और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वीडियो में दिख रहे चेहरों और लोकेशन की पहचान कर टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कुछ संदिग्ध ऐसे भी हैं, जिन पर पहले से निगरानी रखी (Raipur Police Action) जा रही थी, लेकिन ठोस इनपुट के अभाव में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी। वायरल वीडियो ने जांच को वह कड़ी दे दी, जिसकी जरूरत थी।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के दौरान नशे की सप्लाई चेन, ठिकानों और संपर्कों को लेकर अहम जानकारियां मिली हैं। इन्हीं बिंदुओं पर आगे की कार्रवाई केंद्रित की जा रही है। पुलिस का स्पष्ट रुख है कि यह सिर्फ एक इलाके की कार्रवाई नहीं, बल्कि पूरे शहर में नशे के कारोबार को जड़ से उखाड़ने की रणनीति का हिस्सा है।
आंकड़े भी इस सख्ती की गवाही दे रहे हैं। बीते कुछ महीनों में रायपुर पुलिस 89 नशा पैडलरों को गिरफ्तार कर चुकी है। लगातार छापेमारी, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र मजबूत किया गया है, ताकि छोटे स्तर पर सक्रिय नेटवर्क भी पुलिस की पकड़ से बाहर न रह सकें।
अमलीडीह और आसपास के रहवासी बताते हैं कि सूखे नशे की बढ़ती मौजूदगी ने युवाओं को तेजी से अपनी गिरफ्त में लेना शुरू (Raipur Police Action) कर दिया था। गली-मोहल्लों में होने वाली हलचल, देर रात की आवाजाही और संदिग्ध चेहरों से लोग असहज महसूस करने लगे थे। वायरल वीडियो के बाद हुई कार्रवाई से इलाके में यह भरोसा जगा है कि अब मामलों को हल्के में नहीं लिया जाएगा।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में पूछताछ के आधार पर और गिरफ्तारियां संभव हैं। साथ ही, नशे से जुड़े नए ठिकानों और सप्लायरों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। यह अभियान केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने की एक लंबी लड़ाई का हिस्सा माना जा रहा है।




