Raipur Police Drone Patrolling : राजधानी रायपुर को अपराध मुक्त बनाने के लिए रायपुर पुलिस अब पूरी तरह हाईटेक मोड में आ गई है। शहर की कानून-व्यवस्था को नया आयाम देते हुए पुलिस ने ड्रोन पेट्रोलिंग (Drone Patrolling) की शुरुआत की है। अब संकरी गलियों में छिपे नशे के सौदागर हों या सुनसान इलाकों में जमा होने वाले अड्डेबाज, पुलिस की तीसरी आंख (ड्रोन) से कोई नहीं बच पाएगा। यह कदम खासतौर पर उन इलाकों के लिए उठाया गया है जहाँ घनी आबादी के कारण पुलिस की गाड़ियां आसानी से नहीं पहुँच पातीं।
“ऑपरेशन कालचक्र”: अपराधियों की खैर नहीं
यह हाईटेक निगरानी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में चल रहे “ऑपरेशन कालचक्र” का हिस्सा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में चाकूबाजी, नशे के अवैध कारोबार और निगरानी बदमाशों की गतिविधियों पर पूर्ण विराम लगाना है। ड्रोन न केवल संदिग्धों की पहचान कर रहे हैं, बल्कि उनके खिलाफ पुख्ता डिजिटल सबूत भी जुटा रहे हैं, जिससे कोर्ट में आरोपियों को सजा दिलाना आसान होगा।
नॉर्थ जोन के इन थानों में विशेष ‘एयर स्ट्राइक’
रायपुर पुलिस ने शुरुआती चरण में नॉर्थ जोन के सबसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों को चिन्हित किया है। ड्रोन के जरिए इन थाना क्षेत्रों में पैनी नजर रखी जा रही है:
- खमतराई और उरला (औद्योगिक क्षेत्र)
- गुढ़ियारी (घनी बस्ती)
- पंडरी और खम्हारडीह
जमीन पर बाइक पेट्रोलिंग, आसमान में ड्रोन
सुरक्षा के इस चक्रव्यूह को और मजबूत करने के लिए पुलिस केवल ड्रोन पर निर्भर नहीं है। ड्रोन से लाइव मॉनिटरिंग के साथ-साथ जमीन पर बाइक पेट्रोलिंग और पैदल मार्च भी किया जा रहा है। जैसे ही ड्रोन के जरिए किसी संदिग्ध गतिविधि या अड्डेबाजी की सूचना कंट्रोल रूम को मिलती है, पास की गश्ती टीम (चेतक/ईआरवी) को तुरंत मौके पर रवाना कर दिया जाता है।
फरार वारंटियों और चाकूबाजों में खौफ
पुलिस के इस कड़े रुख से निगरानी बदमाशों और फरार वारंटियों के बीच हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि लाइव फीड के जरिए पुलिस उन ठिकानों तक पहुँच रही है जहाँ अपराधी छिपकर प्लानिंग करते थे। इस तकनीक के उपयोग से पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आई है और आम नागरिकों में सुरक्षा का भाव बढ़ा है।
भविष्य की योजना: पूरे शहर में फैलेगा ड्रोन का जाल
प्रशासन की योजना आने वाले समय में इस ड्रोन निगरानी प्रणाली को पूरे रायपुर जिले में विस्तार देने की है। आधुनिक कैमरों से लैस ये ड्रोन रात के अंधेरे (थर्मल इमेजिंग) में भी अपराधियों को पकड़ने में सक्षम होंगे। रायपुर पुलिस की इस पहल को स्मार्ट सिटी की दिशा में एक ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ कदम माना जा रहा है।


