सीजी भास्कर, 09 अप्रैल । रायपुर रेल मंडल ने यात्री सुविधाओं और ट्रेनों की रफ्तार को नई दिशा देते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा रायपुर-उरकुरा और उरकुरा-मांढर रेलखंड के बीच अत्याधुनिक ‘ऑटोमेटिक सिग्नलिंग प्रणाली’ को सफलतापूर्वक शुरू कर दिया गया है। करीब 12 किलोमीटर लंबे इस ट्रैक पर अब ट्रेनों का परिचालन पहले से कहीं ज्यादा सुगम और सुरक्षित होगा। इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन के बीच ट्रेन के पहुंचने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि एक ही दिशा में एक के पीछे एक कई ट्रेनें सुरक्षित दूरी बनाकर चल सकेंगी।
आधुनिक तकनीक से लैस हुआ 12 किलोमीटर का व्यस्त रेलखंड (Raipur Railway Division)
तकनीकी विस्तार की बात करें तो रायपुर से उरकुरा के बीच 3 किलोमीटर की डबल लाइन और उरकुरा से मांढर के बीच 9 किलोमीटर की ट्रिपल लाइन को इस सिस्टम से जोड़ा (Raipur Railway Division) गया है। कुल मिलाकर यह कार्य करीब 21 किलोमीटर डबल लाइन के बराबर की क्षमता विकसित करता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत में ही इस प्रोजेक्ट को पूरा करना रेलवे की कार्यकुशलता को दर्शाता है। इस पूरे खंड में अब 14 नए ऑटोमेटिक सिग्नल और 2 सेमी-ऑटोमेटिक सिग्नल काम करना शुरू कर चुके हैं, जो रेल यातायात को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाएंगे।
सुरक्षा का अभेद्य कवच और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग
ट्रेनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस मार्ग पर 80 डिजिटल एक्सल काउंटर लगाए (Raipur Railway Division) गए हैं। सिग्मा मेक के ये अत्याधुनिक डिवाइस ‘ड्यूअल डिटेक्शन’ और ‘मीडिया डाइवर्सिटी’ जैसी सुविधाओं से लैस हैं, जिससे कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारियों को ट्रेन की सटीक लोकेशन पल-पल मिलती रहेगी। इसके अलावा, उरकुरा-मांढर के बीच की मिड-लाइन के लिए खास ‘डायरेक्शन सेटिंग पैनल’ भी लगाया गया है। रेलवे ने सुरक्षा के स्तर को और ऊंचा ले जाते हुए गेट नंबर 417 पर एक नया ‘ऑटो हाट’ भी तैयार किया है, जिससे सिग्नलिंग फेल होने की आशंका न के बराबर हो जाएगी।
यात्रियों को लेटलतीफी से मिलेगी बड़ी राहत
इस पूरे प्रोजेक्ट का सीधा असर आम यात्रियों पर पड़ेगा। अक्सर स्टेशनों के आउटर पर ट्रेनों को घंटों खड़ा रहना पड़ता था क्योंकि आगे का ब्लॉक क्लियर नहीं होता (Raipur Railway Division) था, लेकिन ऑटोमेटिक ब्लॉक सेक्शन बनने से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। रायपुर-उरकुरा खंड में 3-3 और उरकुरा-मांढर खंड में 4-4 ऑटो सेक्शन बनाए गए हैं। इस नई प्रणाली के चालू होने से न केवल यात्री ट्रेनों के समय में सुधार होगा, बल्कि मालगाड़ियों का परिचालन भी तेज गति से हो सकेगा, जो आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।


