सीजी भास्कर, 28 जनवरी | रायपुर शहर में इन दिनों आवारा कुत्तों और प्रतिबंधित पिटबुल नस्ल के हमलों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हर वार्ड से रोज़ाना काटने और दौड़ाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें डिलीवरी बॉय, बुजुर्ग और महिलाएं सबसे ज़्यादा प्रभावित हो रहे हैं। लगातार बढ़ते मामलों ने Raipur Stray Dog Menace को एक गंभीर नागरिक सुरक्षा मुद्दा बना दिया है।
नगर निगम को पत्र | Pitbull Dog Issue Raipur पर उठे सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता दीप्ति प्रमोद दुबे ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर पिटबुल जैसे प्रतिबंधित कुत्तों को अवैध रूप से पालने के मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि अनुपम नगर सहित कई इलाकों में एक ही कुत्ते द्वारा बार-बार हमला किया गया, बावजूद इसके अब तक केवल औपचारिक कार्रवाई ही की गई है।
डिलीवरी बॉय सबसे ज्यादा शिकार | Public Safety Raipur पर संकट
शहर की गलियों और कॉलोनियों में काम करने वाले डिलीवरी कर्मचारी सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। सुबह से रात तक बिना सुरक्षा व्यवस्था के काम कर रहे ये लोग हर दिन कुत्तों के हमलों का सामना कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो Public Safety Raipur पर इसका असर और गहरा होगा।
पार्कों में डर का साया | Oxyzone Park Safety पर उठी उंगलियां
ऑक्सीजोन पार्क सहित शहर के प्रमुख उद्यानों में आवारा कुत्तों और सांडों की मौजूदगी ने मॉर्निंग और इवनिंग वॉक करने वालों की परेशानी बढ़ा दी है। बुजुर्गों और बच्चों में डर का माहौल है। हाल ही में हुई सांड अटैक की घटना ने पार्कों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पालतू कुत्तों की लापरवाही | स्वच्छता नियमों की अनदेखी
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई लोग अपने पालतू कुत्तों को उद्यानों और सार्वजनिक स्थलों पर शौच के लिए छोड़ देते हैं, जिससे गंदगी और दुर्गंध फैलती है। मांग की गई है कि कुत्ता पालने वालों के लिए स्पष्ट नियम बनाए जाएं और उनकी जवाबदेही तय हो, न कि इस बोझ को निगम या कॉलोनीवासियों पर डाला जाए।
सड़क से सदन तक आंदोलन की चेतावनी
दीप्ति दुबे ने नगर निगम से अपील की है कि इन मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर ज़मीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। स्थानीय निवासियों में बढ़ते आक्रोश को देखते हुए चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह मुद्दा सड़क से सदन तक उठाया जाएगा।




