छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर Rajim Kumbh Kalp 2026 का शुभारंभ हो गया है। पैरी, सोंढूर और महानदी के त्रिवेणी संगम पर सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें दिखने लगीं। ठंडी हवाओं और उगते सूर्य के बीच संगम स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
माघ पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलेगा आस्था का पर्व
हर वर्ष की तरह इस बार भी राजिम में माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक कुंभ कल्प का आयोजन किया जा रहा है। संगम स्नान के बाद श्रद्धालु भगवान श्री राजीवलोचन और कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन के लिए मंदिरों की ओर बढ़े। पहले दिन ही हजारों लोगों ने पुण्य स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए।
त्रिवेणी संगम की धार्मिक संरचना बनी आकर्षण का केंद्र
राजिम कुंभ कल्प का आयोजन उस स्थल पर होता है जहां तीन नदियों का संगम होता है। एक तट पर भगवान विष्णु के रूप में श्री राजीवलोचन विराजमान हैं, दूसरे तट पर लोमश ऋषि का प्राचीन आश्रम स्थित है, जबकि संगम के मध्य भगवान कुलेश्वरनाथ महादेव की उपस्थिति इस स्थान को विशेष आध्यात्मिक पहचान देती है। यही कारण है कि राजिम को छत्तीसगढ़ का प्रयाग भी कहा जाता है।
नए मेला स्थल पर फैली 54 एकड़ में भव्य व्यवस्था
इस वर्ष मेला स्थल को पुराने स्थान से लगभग दो किलोमीटर दूर 54 एकड़ के विस्तृत क्षेत्र में विकसित किया गया है। खुले और समतल मैदान में साधु-संतों के शिविर, श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल और धार्मिक गतिविधियों के लिए अलग-अलग सेक्टर बनाए गए हैं, जिससे भीड़ प्रबंधन में आसानी हो सके।
सुरक्षा, निगरानी और आपदा प्रबंधन पर खास जोर
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में चार कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। गरियाबंद समेत आसपास के जिलों से करीब 1100 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा प्रशिक्षित गोताखोरों की टीम और फायर सेफ्टी वाहन भी हर समय सतर्क रखे गए हैं।
सुगम यातायात के लिए बदली गई ट्रैफिक व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र के आसपास पांच से अधिक पार्किंग जोन बनाए गए हैं। वीआईपी मूवमेंट के लिए अलग मार्ग निर्धारित किया गया है, ताकि नवापारा–राजिम हाइवे पर जाम की स्थिति न बने। ट्रैफिक पुलिस की टीमें लगातार मार्गदर्शन कर रही हैं।
आस्था के साथ प्रशासनिक तैयारी की भी परीक्षा
राजिम कुंभ कल्प केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रशासनिक समन्वय और व्यवस्थाओं की भी बड़ी परीक्षा माना जाता है। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएं और सूचना सहायता केंद्रों को सक्रिय किया गया है, ताकि संगम में आने वाला हर श्रद्धालु सुरक्षित और संतोषजनक अनुभव के साथ लौट सके।




