सीजी भास्कर, 23 सितंबर। राजधानी में आयोजित होने वाली भव्य लवकुश रामलीला (Ramleela Controversy) इस बार विवादों में घिर गई। अभिनेत्री पूनम पांडे, जिन्हें मंदोदरी का किरदार निभाना था, अब यह भूमिका नहीं करेंगी। बढ़ते विरोध और आपत्तियों को देखते हुए लवकुश रामलीला समिति ने सोमवार देर रात निर्णय लिया कि मंदोदरी का किरदार किसी अन्य कलाकार को दिया जाएगा।
समिति ने लिखा – “हमें क्षमा करें”
लवकुश रामलीला समिति (Ramleela Controversy) के अध्यक्ष अर्जुन कुमार और महासचिव सुभाष गोयल ने बयान जारी कर कहा कि पूनम पांडे ने आमंत्रण मिलने के बाद मंदोदरी की भूमिका स्वीकार की थी। लेकिन उनके नाम की घोषणा होते ही कई धार्मिक संस्थानों और वर्गों ने आपत्ति जताई। समिति ने कहा कि रामलीला का उद्देश्य प्रभु श्रीराम का संदेश समाज तक पहुंचाना है, ऐसे में विवाद के चलते यह मकसद प्रभावित हो रहा था। इसी कारण सर्वसम्मति से पूनम पांडे को इस भूमिका से अलग करने का निर्णय लिया गया। समिति ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए पत्र में लिखा – “आप हमें क्षमा करें।”
पूनम पांडे का वीडियो
निर्णय से ठीक एक दिन पहले पूनम पांडे ने एक वीडियो साझा किया था, जिसमें उन्होंने इस भूमिका को लेकर अपनी खुशी जताई थी और कहा था कि नवरात्र के दौरान वे नौ दिन का व्रत भी रखेंगी। हालांकि, सोशल मीडिया पर उनका विरोध लगातार तेज हो रहा था।
विरोध के सुर तेज
पूनम पांडे के नाम को लेकर कई संगठनों और संतों ने विरोध दर्ज कराया। विश्व हिंदू परिषद ने पत्र लिखकर अपील की थी कि उन्हें इस भूमिका से हटाया जाए। वहीं, कंप्यूटर बाबा ने तीखा बयान देते हुए कहा था कि पूनम पांडे को मंदोदरी नहीं, बल्कि सूर्पनखा का रोल दिया जाना चाहिए। उन्होंने समिति के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा – “रामलीला (Ramleela Controversy) केवल नाटक नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति का आईना है। पात्र का चयन सोच-समझकर होना चाहिए।” अब समिति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस वर्ष मंदोदरी की भूमिका किसी और कलाकार से करवाई जाएगी।





