सीजी भास्कर, 5 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन (Ramvichar Netam) ने ग्रामीण भारत में स्वच्छता को लेकर एक व्यापक जनआंदोलन का रूप ले लिया है। खुले में शौच की प्रवृत्ति से बाहर निकलकर अब गांव-गांव में परिवार अपने सम्मान, स्वास्थ्य और सुरक्षित जीवन के लिए पक्के जलवाहित शौचालयों का नियमित उपयोग कर रहे हैं।
इसी कड़ी में आदिम जाति विकास मंत्री एवं कोरिया जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 266 हितग्राहियों को शौचालय निर्माण हेतु 31 लाख 92 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खातों में अंतरित की।
प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम (Ramvichar Netam) जिले में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत चल रहे कार्यों की जानकारी ली और शौचालय निर्माण से जुड़े हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। इस राशि से ग्रामीण परिवारों को शौचालय निर्माण कार्य को पूरा करने में आर्थिक सहयोग मिलेगा और खुले में शौच से मुक्ति की दिशा में जिले को और मजबूती मिलेगी।
लाभान्वित हितग्राहियों में जनपद पंचायत सोनहत के 97 और जनपद पंचायत बैकुंठपुर के 169 हितग्राही शामिल हैं। सभी हितग्राहियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप राशि सीधे उनके खातों में भेजी गई, जिससे किसी भी प्रकार की मध्यस्थता या विलंब की संभावना समाप्त हो गई। डीबीटी प्रणाली के माध्यम से राशि अंतरण ने शासन की योजनाओं में पारदर्शिता और भरोसे को और मजबूत किया है।
इस अवसर पर भारतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र की विधायक रेणुका सिंह, कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष मोहित पैकरा, उपाध्यक्ष वंदना राजवाड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता अभियान की प्रगति, ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय उपयोग की स्थिति और आगे की कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई।
प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम (Ramvichar Netam) ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से जिले में स्वच्छता की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। शौचालय निर्माण से न केवल स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा मिला है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन स्तर में भी सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सीधे तौर पर स्वास्थ्य से जुड़ी हुई है और इससे विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को लाभ मिल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि डीबीटी प्रणाली के माध्यम से हितग्राहियों को सीधे उनके खातों में राशि मिलने से प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनी है। इससे पात्र हितग्राही को समय पर लाभ मिल रहा है और योजना के क्रियान्वयन में विश्वास बढ़ा है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष पात्र परिवारों को भी शीघ्र लाभान्वित किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्मित शौचालयों का नियमित उपयोग हो।
स्वच्छ भारत मिशन का असर
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत जिले में खुले में शौच की प्रवृत्ति में उल्लेखनीय कमी आई है। शौचालय निर्माण के साथ-साथ व्यवहार परिवर्तन पर भी जोर दिया जा रहा है। डीबीटी के जरिए प्रोत्साहन राशि मिलने से ग्रामीण परिवार स्वयं आगे बढ़कर शौचालय निर्माण करा रहे हैं, जिससे स्वच्छता अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल रही है।
डीबीटी से पारदर्शिता
प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के जरिए हितग्राहियों को राशि सीधे बैंक खातों में मिलने से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहती। शासन की मंशा है कि योजनाओं का लाभ समय पर और सही व्यक्ति तक पहुंचे। शौचालय निर्माण में डीबीटी ने प्रक्रिया को तेज और भरोसेमंद बनाया है।


