सीजी भास्कर, 20 जनवरी | दुर्ग जिले में राशन कार्ड सत्यापन के बाद बड़ा आंकड़ा सामने आया है। Ration Card Verification Durg अभियान के तहत 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 के बीच कुल 15,872 सदस्यों के नाम राशन कार्ड सूची से हटाए गए हैं। यह कार्रवाई राज्य सरकार को जिले में एक लाख से अधिक अपात्र और संदिग्ध राशन कार्ड होने की सूचना मिलने के बाद की गई।
राज्य निर्देश के बाद चला व्यापक सत्यापन अभियान
खाद विभाग को मिले निर्देशों के बाद जिलेभर में घर-घर सत्यापन कराया गया। इस प्रक्रिया में पात्रता, आय, निवास और दस्तावेजों की जांच की गई। सत्यापन के बाद सामने आया कि करीब 16 हजार हितग्राही विभिन्न कारणों से योजना के दायरे में नहीं आते थे, जिसके चलते उनके नाम सूची से हटाए गए।
स्वेच्छा से कार्ड समर्पण बना सबसे बड़ा कारण
खाद विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, नाम कटने का सबसे बड़ा कारण हितग्राहियों द्वारा स्वयं राशन कार्ड समर्पित करना रहा। इस श्रेणी में 6,187 सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा परिवार के मुखिया की मृत्यु, अन्यत्र स्थायी निवास और पूरे परिवार का पलायन भी प्रमुख कारणों में दर्ज किया गया।
पात्रता साबित न कर पाने पर भी हुई कार्रवाई
सत्यापन के दौरान ऐसे राशन कार्डधारी भी सामने आए, जिनके पात्रता के आधार की पुष्टि नहीं हो सकी। कई मामलों में मृत्यु के बाद भी कार्ड चालू पाए गए, तो कहीं शासकीय कर्मचारी होने के बावजूद सरकारी योजना का लाभ लिया जा रहा था। डबल राशन कार्ड, संयुक्त परिवार और वाहन स्वामित्व जैसे कारणों से भी नाम हटाए गए।
EKYC अपडेट न होना बना आम लोगों की परेशानी
इन दिनों खाद विभाग कार्यालयों में उन लोगों की भीड़ देखी जा रही है, जिनके नाम राशन कार्ड से कट चुके हैं। अधिकांश मामलों में वजह आधार या (EKYC Update) न होना सामने आई है। हितग्राहियों का कहना है कि परिवार के एक सदस्य का EKYC अधूरा होने पर पूरे परिवार को राशन नहीं मिल पा रहा है।
25 लाख से ज्यादा GST भरने वालों पर भी गिरी गाज
जिला प्रशासन के अनुसार, ऐसे कार्डधारियों के नाम भी हटाए गए हैं जिनकी वार्षिक आय 6 लाख से अधिक है या जिनका जीएसटी टर्नओवर 25 लाख रुपये से ऊपर पाया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई आय और संसाधनों के आधार पर की गई है।
दस्तावेज पूरे कर फिर से जुड़ने का मौका
प्रशासन का कहना है कि जिन लोगों को लगता है कि वे पात्र हैं, वे आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर और EKYC प्रक्रिया पूरी कर दोबारा खाद्यान्न योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए खाद विभाग कार्यालयों में सहायता काउंटर भी बनाए गए हैं।
अलग-अलग कारणों की वजह से कटे 15,872 नाम
| क्रं. | नाम कटने की वजह | संख्या |
| 1. | राशन कार्ड डबल | 1 |
| 2. | अन्यत्र निवास | 2242 |
| 3. | अविवाहित | 4 |
| 4 | चार/तीन पहिया वाहन उपलब्ध | 5 |
| 5 | परिवार के मुखिया की मृत्यु | 2611 |
| 6 | परिवार का पलायन | 2226 |
| 7 | मकान/भूखण्ड निर्धारित सीमा से अधिक | 482 |
| 8 | मुखिया की परित्यक्ता | 31 |
| 9 | मृत्यु एवं आश्रित के नाम पर जारी | 341 |
| 10 | मासिक आय निर्धारित सीमा से अधिक | 42 |
| 11 | राशन कार्ड जारी करने के पात्रता का आधार की पुष्टि नहीं | 170 |
| 12 | शासकीय कर्मचारी | 18 |
| 13 | सत्यापन के समय निवास पर नहीं पाए गए | 1461 |
| 14 | संयुक्त परिवार | 51 |
| 15 | हितग्राही द्वारा कार्ड समर्पित | 6187 |
खाद्य नियंत्रक का बयान, फर्जी कार्ड नहीं मिले
जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारी अनुराग भदौरिया ने स्पष्ट किया कि सत्यापन के दौरान फर्जी राशन कार्ड नहीं पाए गए। उन्होंने कहा कि नाम काटने की कार्रवाई विभिन्न प्रशासनिक और वैधानिक कारणों से की गई है, न कि मनमाने तरीके से।
जागरूकता अभियान जारी, दुकानों से दी जा रही सूचना
जिला प्रशासन द्वारा उचित मूल्य दुकानों और अन्य माध्यमों से लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे समय रहते आधार और EKYC अपडेट करवा सकें। प्रशासन का कहना है कि Ration Card Verification Durg का उद्देश्य केवल वास्तविक और जरूरतमंद परिवारों तक ही योजना का लाभ पहुंचाना है।




