सीजी भास्कर, 14 जून। मानसून की दस्तक के साथ बस्तर अंचल के कई गांवों में एक चिंता हर साल सामने (Ration Distribution) आती है। तेज बारिश और उफनते नदी नालों के कारण कई इलाकों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट जाता है, जिससे जरूरी सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका बढ़ जाती है। इस बार हालांकि प्रशासन ने समय रहते ऐसी तैयारी कर ली है, जिससे ग्रामीणों को राहत मिलने वाली है।
दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के बीच इस व्यवस्था को लेकर संतोष का माहौल है। अधिकारियों की टीम लगातार अंदरूनी इलाकों तक पहुंचकर हालात का जायजा ले रही है ताकि बारिश के मौसम में किसी भी परिवार को खाद्यान्न की कमी का सामना न करना पड़े।
तीन महीने का राशन पहले ही पहुंचाया गया : Ration Distribution
नारायणपुर जिले की 39 पहुंचविहीन शासकीय उचित मूल्य दुकानों में आगामी तीन महीनों के लिए खाद्यान्न का अग्रिम भंडारण पूरा कर लिया गया है। जुलाई से सितंबर तक की जरूरत को ध्यान में रखते हुए राशन पहले ही सुरक्षित रूप से दुकानों तक पहुंचा दिया गया है, ताकि बारिश के दौरान परिवहन प्रभावित होने पर भी वितरण जारी रह सके।
बरसात में भी मिलता रहेगा खाद्यान्न
प्रशासन की इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अंदरूनी गांवों के पात्र हितग्राहियों को समय पर उनका खाद्यान्न मिलता रहे। भारी बारिश या मार्ग अवरुद्ध होने की स्थिति में भी ग्रामीणों को एकमुश्त बरसाती कोटा उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
अधिकारियों को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी
कलेक्टर ने इस अभियान की निगरानी के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी (Ration Distribution) लगाई है। प्रत्येक अधिकारी को अलग अलग राशन दुकानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों को केवल रिपोर्ट लेने तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि उन्हें स्वयं संबंधित क्षेत्रों में जाकर भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
दुर्गम इलाकों में पहुंच रहे अधिकारी
जिले के कई ऐसे गांव हैं जहां तक पहुंचना आसान नहीं है। इसके बावजूद अधिकारी घने जंगलों और कठिन रास्तों से होकर राशन दुकानों तक पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में ओरछा विकासखंड के झारावाही गांव स्थित उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किया गया, जहां भंडारित अनाज, वितरण व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी इंतजामों का जायजा लिया गया।
शत प्रतिशत भंडारण पूरा होने का दावा
जिला खाद्य विभाग के अनुसार सभी चिन्हित पहुंचविहीन राशन दुकानों में खाद्यान्न का शत प्रतिशत अग्रिम भंडारण पूरा कर लिया गया है। प्रशासन का लक्ष्य है कि वर्षा ऋतु के दौरान भी अंतिम छोर पर रहने वाले प्रत्येक पात्र हितग्राही तक समय पर राशन पहुंचे और किसी को भी अपने अधिकार से वंचित न होना पड़े।





