सीजी भास्कर, 07 मई : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के रावाभाठा (Rawabhata Suspicious Material) इलाके में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब वार्ड क्रमांक 13 स्थित एक रिहायशी मकान में देसी बम बनाने की संदिग्ध सामग्री मिलने की खबर फैली। इस इनपुट ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। राजधानी जैसे व्यस्त इलाके में इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों का मिलना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
छापेमारी और घेराबंदी
घटना (Rawabhata Suspicious Material) की भनक लगते ही रायपुर नॉर्थ थाना पुलिस, बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) और राज्य की खुफिया एजेंसियां हरकत में आ गईं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। एहतियात के तौर पर उस विशेष मकान और आसपास के क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया गया है। आम नागरिकों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
क्या-क्या हुआ बरामद
प्रारंभिक जांच (Rawabhata Suspicious Material) और सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को मकान के भीतर से भारी मात्रा में तार, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरी और कुछ संदिग्ध रसायन मिले हैं, जिनका उपयोग आमतौर पर देसी विस्फोटक (IED) तैयार करने में किया जाता है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने अभी तक बरामद सामानों की सूची को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। बम निरोधक दस्ता हर एक उपकरण की वैज्ञानिक जांच कर रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये सामग्रियां कितनी घातक हो सकती थीं।
बड़ी साजिश की आशंका
पुलिस इस पूरे मामले को केवल एक संदिग्ध बरामदगी के तौर पर नहीं देख रही है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या राजधानी रायपुर में किसी बड़ी आतंकी घटना या सुनियोजित धमाके की साजिश रची जा रही थी? जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि यह सामग्री वहां कब से जमा की जा रही थी और इसका मास्टरमाइंड कौन है। पुलिस ने मकान से जुड़े व्यक्तियों और पड़ोसियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। साइबर सेल की टीमें क्षेत्र के मोबाइल टावर डंप डेटा और संदिग्धों के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाल रही हैं। इलाके में लगे कैमरों की जांच की जा रही है ताकि मकान में आने-जाने वाले बाहरी लोगों की पहचान हो सके।
दहशत में स्थानीय निवासी
इस घटना के बाद रावाभाठा और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। घनी आबादी वाले वार्ड क्रमांक 13 में इस तरह की संदिग्ध सामग्री मिलने से लोग डरे हुए हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद हैं और स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल, पूरा इलाका छावनी में तब्दील है और सुरक्षा एजेंसियां ‘स्लीपर सेल’ या किसी स्थानीय गिरोह के शामिल होने के एंगल पर भी काम कर रही हैं।


