नई दिल्ली। RBI Loan Relief 2025 के तहत रिजर्व बैंक ने आम लोगों के लिए लोन संबंधी नियमों में बदलाव की घोषणा की है। 1 अक्टूबर से लागू होने वाले इन नियमों का मकसद लोगों को लोन लेने और चुकाने में आसानी देना है। बैंक अब फ्लोटिंग रेट लोन में लॉक-इन पीरियड से पहले भी EMI घटा सकते हैं, जिससे कर्जदाताओं पर बोझ कम होगा। वहीं फिक्स्ड रेट लोन धारक फ्लोटिंग रेट में स्विच करने का विकल्प भी पा सकते हैं।
फ्लोटिंग और फिक्स्ड रेट लोन में मिली नई सुविधा
RBI Loan Relief 2025 के अनुसार, बैंक लोन धारकों को अधिक फ्लेक्सिबिलिटी देंगे। समय के हिसाब से सही ब्याज दर चुनने की सुविधा अब उपलब्ध होगी। इसका फायदा सीधे-सीधे EMI कम होने और वित्तीय योजना बनाने में मदद करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम कर्जदाताओं के लिए राहत देने वाला साबित होगा और लोन लेने की प्रक्रिया को आसान बनाएगा।
गोल्ड लोन अब और आसान
RBI Loan Relief 2025 के तहत गोल्ड लोन लेने की शर्तों में बदलाव हुआ है। अब सिर्फ जौहरी नहीं बल्कि छोटे कारोबारी, कारीगर और गोल्ड इस्तेमाल करने वाले अन्य व्यवसायी भी कच्चे सोने के बदले बैंक से लोन ले सकते हैं। साथ ही, गोल्ड मेटल लोन (GML) की रीपेमेंट अवधि 180 दिन से बढ़ाकर 270 दिन कर दी गई है। यह MSME और ज्वेलरी सेक्टर के लिए एक बड़ी राहत साबित होगी।
बैंकों को फंड जुटाने की मिली नई राह
RBI Loan Relief 2025 के तहत बैंक अब ऑफशोर मार्केट के जरिए फंड जुटा सकते हैं। विदेशी मुद्रा या रुपये में बॉन्ड जारी कर अधिक पूंजी जुटाई जा सकेगी। विदेशी बैंक शाखाओं के लिए भी नए नियम लागू होंगे, जिससे बड़े लोन एक्सपोजर और इंटर-ग्रुप ट्रांजेक्शनों का जोखिम कम होगा।
क्रेडिट डेटा में सुधार और पहचान प्रक्रिया आसान
RBI Loan Relief 2025 के अनुसार, बैंक और वित्तीय संस्थान अब क्रेडिट ब्यूरो को डेटा हफ्ते में एक बार भेजेंगे, पहले यह दो हफ्ते में होता था। इससे क्रेडिट रिपोर्ट में गलतियां कम होंगी और समय रहते सुधार संभव होगा। साथ ही CKYC नंबर शामिल होने से पहचान प्रक्रिया आसान होगी।


