छत्तीसगढ़ सरकार ने रजिस्ट्री और पंजीयन सेवाओं को आम नागरिकों तक सहज रूप से पहुंचाने की दिशा में एक और ठोस कदम उठाया है। Registry Services Reform के तहत राज्य के चार नए स्थानों—भखारा (धमतरी), लवन (बलौदाबाजार-भाटापारा), सकरी और राजकिशोर नगर (बिलासपुर)—में उप पंजीयक कार्यालय खोलने की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
जिला मुख्यालयों की दौड़ से मिलेगी राहत
नए उप पंजीयक कार्यालय खुलने से संबंधित क्षेत्रों के नागरिकों को अब रजिस्ट्री के लिए दूर-दराज़ के जिला मुख्यालयों तक जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। Registry Services Reform का यह निर्णय समय, खर्च और संसाधनों की बचत के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भूमि लेन-देन की प्रक्रिया को गति देने वाला माना जा रहा है।
भीड़ कम, प्रक्रिया ज्यादा सुचारू
सरकार का आकलन है कि नए कार्यालय शुरू होने से जिला मुख्यालयों में स्थित पंजीयन दफ्तरों पर दबाव घटेगा। इससे रजिस्ट्री से जुड़े मामलों का निपटारा तेज होगा और Registry Services Reform के जरिए पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी।
डिजिटल सुविधाओं से बदलेगा अनुभव
नए उप पंजीयक कार्यालयों में आधुनिक पंजीयन सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें ऑटो डीड जनरेशन, आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन और घर बैठे रजिस्ट्री जैसी सेवाएं शामिल होंगी। Registry Services का उद्देश्य तकनीक के जरिए नागरिकों को सरल और भरोसेमंद सेवा देना है।
ग्रामीण और शहरी अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
स्थानीय स्तर पर पंजीयन सुविधा मिलने से न सिर्फ जमीन-जायदाद से जुड़े काम तेज होंगे, बल्कि इससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि Registry Services से रियल एस्टेट, व्यापार और निवेश से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक असर दिखेगा।




