सीजी भास्कर, 26 जनवरी | Republic Day Bastar Villages : 77वें गणतंत्र दिवस पर छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल से एक ऐसी तस्वीर सामने आ रही है, जो वर्षों के संघर्ष के बाद बदले हालात की कहानी कहती है। माओवादी प्रभाव से मुक्त हुए 41 गांवों में इस बार पहली बार गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा और सार्वजनिक रूप से तिरंगा फहराया जाएगा। यह सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र से दोबारा जुड़ने का प्रतीक माना जा रहा है।
Bastar First Republic Day Celebration से लौटा भरोसा
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. के अनुसार, इन गांवों में लंबे समय तक राष्ट्रीय पर्व मनाने की परंपरा नहीं रही। अब हालात बदले हैं और लोग पूरे उत्साह के साथ समारोह की तैयारियों में जुटे हैं। स्थानीय समुदायों में इसे सम्मान, सुरक्षा और स्वाभिमान से जुड़ा अवसर माना जा रहा है, जहां पहली बार संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का सार्वजनिक उत्सव होगा।
Bijapur Narayanpur Sukma Villages में बदला माहौल
इन 41 गांवों में से 13 बीजापुर जिले में, 18 नारायणपुर और 10 सुकमा जिले में स्थित हैं। ये सभी क्षेत्र कभी माओवादी गतिविधियों के कारण अलग-थलग पड़े हुए थे। अब यहां प्रशासनिक पहुंच, सुरक्षा व्यवस्था और जनभागीदारी ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया है, जिससे राष्ट्रीय पर्व मनाने का रास्ता खुला है।
Security Camps Development Bastar से आई स्थिरता
पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा शिविरों की स्थापना ने इन गांवों में स्थायित्व लाने का काम किया है। सुरक्षा बलों की मौजूदगी से स्थानीय लोगों में भरोसा बढ़ा है और सरकारी योजनाओं तक सीधी पहुंच बनी है। पहले जहां भय और दबाव का माहौल था, वहां अब शांति, विकास और प्रशासनिक संपर्क दिखाई देने लगा है।
Independence Day से Republic Day तक बढ़ता दायरा
पिछले वर्ष 15 अगस्त को 13 गांवों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया था। इस वर्ष उन्हीं गांवों के साथ कुल 54 गांव ऐसे हो जाएंगे, जहां पहली बार गणतंत्र दिवस का आयोजन किया जाएगा। यह विस्तार क्षेत्र में लगातार हो रहे सकारात्मक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
Raipur Bilaspur Republic Day कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी
इसी बीच राज्यभर में गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राज्यपाल रायपुर में मुख्य समारोह के दौरान राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और सलामी लेंगे, जबकि मुख्यमंत्री बिलासपुर जिले में गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल होंगे। प्रशासन का कहना है कि इस बार का आयोजन शांति, समावेशन और लोकतांत्रिक सहभागिता की भावना को केंद्र में रखकर किया जा रहा है।




