सीजी भास्कर, 13 अप्रैल। मुंगेली नगर पंचायत जरहागांव और ग्राम पंचायत छतौना के बीच प्रस्तावित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को लेकर जारी विवाद अब चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है. इस घटनाक्रम में सियासत होना एक पक्ष है, लेकिन असल सवाल यह है कि आखिर अस्पताल कहां बने, जिससे अधिकतम लोगों को सुविधा मिले और भविष्य की जरूरतें भी पूरी हो सके. (Town vs Gram Panchayat)
दरअसल, जिला पंचायत की सामान्य सभा में ग्राम छतौना की गौठान भूमि पर अस्पताल निर्माण का प्रस्ताव पारित हुआ. इसके आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने कलेक्टर को भूमि आवंटन की अनुशंसा की, वहीं राजस्व विभाग स्तर पर भी जांच प्रक्रिया शुरू की गई.
प्रस्ताव सार्वजनिक होने के बाद नगर पंचायत जरहागांव के लोगों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई. उनका कहना है कि वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित है, इसलिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन भी वहीं बनाया जाना अधिक व्यावहारिक होगा.
Town vs Gram Panchayat : छतौना का पक्ष – उपलब्धता और पहुंच
छतौना के ग्रामीण इस प्रस्ताव को अपने क्षेत्र के विकास के रूप में देख रहे हैं. उनका कहना है, पहले से थाना, सेवा सहकारी समिति कार्यालय और धान खरीदी केंद्र इसी क्षेत्र में संचालित हैं. दोनों क्षेत्रों के बीच भौगोलिक मात्र एक पुल क्रॉसिंग है. प्रस्तावित भूमि मुख्य मार्ग से जुड़ी हुई है, जिससे मरीजों, एंबुलेंस और स्टाफ को सुविधा मिलेगी.
ग्रामीणों का मानना है कि इस दृष्टि से यह स्थान दीर्घकालिक रूप से उपयोगी हो सकता है.
Town vs Gram Panchayat : जरहागांव का पक्ष – वर्तमान व्यवस्था और सुविधा
दूसरी ओर, जरहागांव के नागरिकों का तर्क है कि –
अस्पताल वर्तमान में नगर क्षेत्र में संचालित है. नगर में पहले से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं.
लोगों की पहुंच और आदतों को देखते हुए यथास्थान निर्माण अधिक उपयुक्त रहेगा. उनका मानना है कि इससे सेवा की निरंतरता बनी रहेगी.


