सीजी भास्कर, 7 मई । बस्तर में माओवादियों के आर्थिक नेटवर्क की परतें अब सुरक्षा बलों की सर्चिंग में खुलने लगी हैं। लगातार चल रहे ऑपरेशन में जवानों ने पिछले तीन महीनों में करीब 6 करोड़ 75 लाख रुपए नकद और 8 किलो सोना बरामद किया है। (Unearthing of ‘black treasure’ in the forests of Bastar)
अधिकारियों का मानना है कि जंगलों में अब भी 50 करोड़ रुपए से ज्यादा की छिपी पूंजी मौजूद हो सकती है।
सुरक्षा बल का लगातार सर्चिंग अभियान : Unearthing of ‘black treasure’ in the forests of Bastar
आईजी सुंदरराज पी के मुताबिक, यह बरामदगी अंदरूनी इलाकों में छिपाए गए डंप से हुई है। सुरक्षा बल अब भी लगातार सर्चिंग अभियान चला रहे हैं। जानकारी के अनुसार, नोटबंदी के बाद माओवादियों ने नकदी की जगह सोने में निवेश बढ़ाया था, ताकि जोखिम कम रहे। बरामद 8 किलो सोने की कीमत करीब 13 करोड़ रुपए आंकी गई है।
बताया जा रहा है कि यह पैसा तेंदूपत्ता संग्राहकों, ठेकेदारों और विकास कार्यों में लगे लोगों से लेवी वसूली के जरिए जुटाया जाता था। जानकारों का मानना है कि बरामद रकम केवल एक हिस्सा है और जंगलों में अब भी कई गुप्त डंप छिपे हो सकते हैं।
माओवादी संगठन की आर्थिक रीढ़ को तोड़ने की दिशा में बड़ी कार्रवाई
वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र तिवारी के अनुसार, बस्तर में माओवादियों की छिपी पूंजी 50 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। सुरक्षा बलों का मौजूदा अभियान केवल हथियारों की तलाश तक सीमित नहीं है, बल्कि माओवादी संगठन की आर्थिक रीढ़ को तोड़ने की दिशा में भी बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।


