सीजी भास्कर, 14 फरवरी। जिले की लोरमी तहसील में बीते 15 दिनों से चला आ रहा पटवारी, राजस्व निरीक्षक (आरआई) और तहसील प्रशासन के बीच का गतिरोध (Revenue Inspector Strike) आखिरकार समाप्त हो गया है। कलेक्टर के सीधे हस्तक्षेप और मार्गदर्शन में आयोजित बैठक में सभी पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई और राजस्व अमला अपने-अपने कार्यों पर लौट आया।
दरअसल, पटवारी और आरआई संगठनों ने तहसील स्तर पर कार्य के दौरान कथित दबाव और व्यवहार को लेकर नाराजगी जताते हुए आंदोलन का रास्ता अपनाया था। 29 जनवरी से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित कई अहम राजस्व प्रकरणों का निपटारा प्रभावित हो रहा था। हालात उस वक्त और गंभीर हो गए, जब कुछ दिनों के लिए जिला स्तर के पटवारी–आरआई संगठन ने भी आंदोलन को समर्थन दे दिया।
लगातार बढ़ते तनाव और प्रशासनिक कामकाज पर पड़ते असर को देखते हुए कलेक्टर ने पहल (Revenue Inspector Strike) करते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ के प्रतिनिधियों और पटवारी–आरआई संगठनों के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक बुलाई। बैठक में सभी पक्षों को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया गया, जिसके बाद आपसी संवाद और संयम के साथ समाधान का रास्ता निकाला गया।
कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों की जो भी शिकायतें या मांगें हैं, उन पर नियमों के दायरे में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निपटारा और शासन की प्राथमिक योजनाओं का क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के बाद हड़ताल समाप्त होने की औपचारिक घोषणा की गई, जिसके साथ ही तहसील कार्यालयों में कामकाज फिर से सामान्य (Revenue Inspector Strike) हो गया। लंबे समय से रुके मामलों के निपटारे की प्रक्रिया शुरू होने से आम नागरिकों ने भी राहत की सांस ली है। प्रशासनिक हलकों में इसे संवाद से निकला संतुलित समाधान माना जा रहा है, जिससे भविष्य में ऐसे हालात दोबारा न बनें, इसकी उम्मीद जताई जा रही है।




