सीजी भास्कर, 17 जनवरी | दुर्ग जिले के रिसाली नगर निगम क्षेत्र में Risali Sanitation Tender Issue को लेकर शुक्रवार सुबह उस वक्त स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब सैकड़ों सफाई कर्मचारी एकजुट होकर महापौर निवास पहुंच गए। वजह थी 15 जनवरी 2026 को समाप्त हुई सफाई टेंडर अवधि और नई प्रक्रिया में हो रही देरी, जिससे कर्मचारियों का काम अचानक रुक गया।
रोजी-रोटी पर संकट
सफाई ठेका खत्म होते ही ठेकेदार की ओर से काम बंद करने की सूचना दी गई। इसके बाद दैनिक मजदूरी पर निर्भर सफाई कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया। (Sanitation Workers Protest) के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि काम बंद होने से घर चलाना मुश्किल हो गया है, वहीं शहर की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी है।
Mayor Decision Delay से बढ़ा भ्रम
दरअसल, गुरुवार रात महापौर शशि सिन्हा ने मौखिक रूप से सफाई टेंडर को दो महीने के लिए आगे बढ़ाने का निर्णय लिया था, लेकिन यह जानकारी न तो लिखित रूप में ठेकेदार तक पहुंची और न ही सफाई कर्मचारियों को समय पर दी जा सकी। (Mayor Decision Delay) के चलते शुक्रवार सुबह स्थिति बिगड़ गई और विरोध प्रदर्शन की नौबत आ गई।
दो महीने के लिए बढ़ेगा टेंडर
मौके पर पहुंची महापौर शशि सिन्हा ने कर्मचारियों की बात सुनी और स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि टेंडर से जुड़ा पत्राचार अधिकारियों की जिम्मेदारी होती है, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के कारण देरी हुई। महापौर ने तत्काल प्रभाव से सफाई टेंडर को दो महीने के लिए बढ़ाने की घोषणा की और भरोसा दिलाया कि शहर की सफाई किसी भी हालत में प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
पहले से किया जा रहा था पत्राचार
सफाई टेंडर से जुड़े ठेकेदार जहीर खान ने बताया कि बीते दो महीनों से टेंडर बढ़ाने के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा था। उन्होंने निर्णय प्रक्रिया में देरी की ओर इशारा करते हुए कहा कि समय रहते आदेश जारी हो जाता, तो शुक्रवार की स्थिति पैदा ही नहीं होती। फिलहाल, (Risali Sanitation Tender Issue) में दो महीने की राहत से कर्मचारियों और नगर निगम दोनों को अस्थायी समाधान मिल गया है।





