सीजी भास्कर, 27 दिसंबर। बिहार के रोहतास में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 13 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे रोपवे (Rohtas Ropeway accident) की परियोजना ट्रायल रन के दौरान धराशाई हो गई। यह रोपवे 1 जनवरी, 2026 को नए साल के अवसर पर उद्घाटन के लिए तैयार किया जा रहा था, लेकिन ट्रॉली के साथ पिलर अचानक गिर गए। इस हादसे के बाद रोपवे की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि करोड़ों की इस परियोजना में भ्रष्टाचार (Corruption) हुआ है।
ट्रायल में नहीं सह पाया वजन
रोपवे का निर्माण (Rohtas Ropeway accident) जिले के ऐतिहासिक चौरासन मंदिर तक के दुर्गम रास्ते को सुगम बनाने के लिए किया जा रहा था। ट्रायल के दौरान पिलर वजन को सहन नहीं कर पाया और ट्रॉली समेत नीचे गिर गया। सौभाग्य से ट्रॉली में कोई सवार नहीं था, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई।
इस रोपवे प्रोजेक्ट के माध्यम से रोहतासगढ़ किला और चौरासन मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले हजारों-लाखों पर्यटकों के लिए सुविधा उपलब्ध कराई जानी थी। साथ ही, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और टूरिज्म से जुड़े व्यापारिक अवसर भी उत्पन्न होने की उम्मीद थी।
उठ रहे सवाल और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने रोपवे निर्माण में भ्रष्टाचार और गुणवत्ता की अनदेखी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने सरकार से जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। स्थानीय विधायक और लोजपा नेता मुरारी प्रसाद गौतम ने कहा कि यह हादसा विभाग और इंजीनियर की लापरवाही के कारण हुआ। उन्होंने पिलर निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। विधायक ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही और घटना की स्वतंत्र जांच (Independent Investigation) की मांग की।
पर्यटन और स्थानीय लोगों पर असर
यह रोपवे प्रोजेक्ट रोहतास जिले में पर्यटन (Tourism) को बढ़ावा देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बनाया गया था। हादसे के बाद परियोजना अधर में लटक गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर निर्माण और गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया तो यह परियोजना लंबे समय तक प्रभावित रह सकती है। सवाल यह भी है कि क्या भविष्य में ऐसे प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा मानकों (Safety Standards) और गुणवत्ता निरीक्षण को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि करोड़ों रुपये की परियोजना फिर से सफलतापूर्वक संचालन में लाई जा सके।






