कलेक्ट्रेट सभागार में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की जमीनी प्रगति को लेकर विस्तृत समीक्षा हुई। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आवेदन, स्वीकृति, सब्सिडी और इंस्टॉलेशन—चारों मोर्चों पर ताज़ा स्थिति तलब की। उन्होंने दो टूक कहा कि कागज़ी प्रगति नहीं, असल नतीजे चाहिए—ताकि (Rooftop Solar Scheme Review) का असर घरों की छतों पर दिखे।
बिजली कंपनी को फील्ड-लेवल टास्क, तकनीकी स्वीकृति में ढिलाई नहीं
कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अफसरों से कहा कि फील्ड में लंबित तकनीकी स्वीकृतियों को प्राथमिकता पर निपटाया जाए। उपभोक्ताओं को कनेक्शन, मीटरिंग और ग्रिड-सिंक से जुड़ी जानकारी साफ-साफ मिले—ताकि (solar rooftop installation) के दौरान अनावश्यक चक्कर न लगें।
बैंकवार लक्ष्य तय, लोन में देरी बर्दाश्त नहीं
बैठक में बैंकवार प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को ऋण देने में देरी न हो। भारतीय स्टेट बैंक की अपेक्षाकृत धीमी गति पर नाराज़गी जताई गई और कहा गया कि शाखाएं सही व स्पष्ट जानकारी के साथ आवेदकों को मार्गदर्शन दें। उद्देश्य यही है कि (green energy loan) के जरिए छतों पर सोलर पैनल जल्दी लगें।
गांव-वार्ड में शिविर, लोगों तक पहुंचे सही जानकारी
योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे—इसके लिए गांव और वार्ड स्तर पर जागरूकता शिविर लगाने को कहा गया। तकनीकी स्वीकृति, ऋण स्वीकृति और सब्सिडी वितरण की प्रक्रिया एक तय टाइमलाइन में पूरी हो—कलेक्टर ने अधिकारियों को आपसी समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि (PM Surya Ghar Yojana) की रफ्तार में कोई ब्रेक न लगे।
साप्ताहिक रिपोर्टिंग से होगी सख्त मॉनिटरिंग
तय हुआ कि सभी बैंक और विभाग हर सप्ताह जिला कार्यालय में प्रगति रिपोर्ट देंगे। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, लीड बैंक मैनेजर और विभागीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में समीक्षा चक्र जारी रहेगा—ताकि देरी की वजहें उसी हफ्ते पकड़ी जाएं और अगले हफ्ते सुधार दिखे।


