सीजी भास्कर, 04 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के Raipur समेत पूरे प्रदेश में शिक्षा का अधिकार (RTE) को लेकर बड़ा विवाद (RTE Admission Issue) खड़ा हो गया है। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने राज्यभर के 6 हजार से अधिक निजी स्कूलों में RTE के तहत प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे गरीब और जरूरतमंद बच्चों की पढ़ाई पर संकट मंडराने लगा है।
आर्थिक बोझ बना मुख्य कारण
एसोसिएशन के अनुसार, सरकार द्वारा RTE के तहत स्कूलों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि लंबे समय (RTE Admission Issue) से नहीं बढ़ाई गई है। बढ़ती लागत और खर्च के बीच स्कूलों को भारी आर्थिक दबाव झेलना पड़ रहा है, जबकि इस मुद्दे पर हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अनसुनी मांगों के बाद लिया फैसला
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने अपनी मांगों को लेकर कई बार सरकार से संवाद करने और चरणबद्ध आंदोलन करने की कोशिश की, लेकिन कोई समाधान (RTE Admission Issue) नहीं निकला। ऐसे में मजबूरी में असहयोग के रूप में यह कदम उठाया गया है और अब RTE के तहत विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
सबसे ज्यादा असर गरीब बच्चों पर
इस फैसले का सीधा असर उन हजारों बच्चों पर पड़ेगा, जो RTE के जरिए निजी स्कूलों में पढ़ाई का सपना देख रहे थे। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है।


