सीजी भास्कर, 16 जनवरी। रूस ने जासूसी के आरोपों की वजह से मॉस्को (Russia-British Relation) स्थित ब्रिटिश दूतावास में कार्यरत एक राजनयिक को आज देश छोड़ने का आदेश दिया। रूस की संघीय सुरक्षा सेवा ने आरोप लगाया कि राजनयिक ब्रिटिश खुफिया एजेंसी (M16) के लिए काम कर रहा था। हालांकि रूस ने इस आरोपों को लेकर कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा ब्रिटिश दूतावास पर क्या कहा?
ब्रिटिश दूतावास (Russia-British Relation) के बारे में बोलते हुए रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अधिकारी की राजनयिक मान्यता रद्द कर दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि मॉस्को स्थित ब्रिटिश दूतावास को 2 सप्ताह के अंदर छोड़ना होगा। ब्रिटिश दूतावास की प्रभारी डेने ढोलकिया को तलब किया गया था। आगे मंत्रालय ने कहा रूस की खुफिया जानकारी गुप्त रूप से बाहर जा रही है यह हम बर्दाश्त नहीं करेंगे। उसने कहा कि अगर ब्रिटेन द्वारा इस मामले में कोई भी कदम उठाया गया तो हम उसी अनुपात में जवाब देंगे।
राजनयिक को बाहर किए जाने पर ब्रिटेन ने क्या कहा?
रूस द्वारा ब्रिटिश राजनयिक को देश से बाहर निकाले जाने पर ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने कहा कि हम इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। आगे उन्होंने कहा यह पहली बार नहीं है जब ब्रिटिश कर्मचारियों के खिलाफ निराधार आरोप लगाए गए हैं। ब्रिटिश राजनयिकों को निशाना बनाने वाली रूस की यह कार्रवाई निराशा से उत्पन्न हुई है। इस तरह की कार्रवाइयां राजनयिक मिशनों के संचालन में बुनियादी शर्तों को कमजोर करती हैं।
वर्ष 2022 में फरवरी माह में क्रेमलिन द्वारा यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई शुरू की गई थी। इसके बाद से रूस और यूरोपीय देशों के बीच रिश्ते शीत युद्ध के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए है। इस दौरान रूस और NATO देशों ने दूतावास से राजनयिकों को बाहर किए जाने के कई दौर देखे हैं। इसके पहले भी मॉस्को ने पिछले साल 2025 के मार्च महीने में 2 ब्रिटिश राजनयिकों को निष्कासित किया गया था। इस मामले को लेकर ब्रिटेन ने दुर्भावनापूर्ण और बेबुनियाद बताया था।


