सीजी भास्कर, 07 मार्च। छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर Rustam Sarang को खेल एवं युवा कल्याण विभाग में प्रतिनियुक्ति देते हुए सहायक संचालक के पद की जिम्मेदारी (Rustam Sarang Weightlifter) सौंपी गई है। इस अवसर पर सारंग ने छत्तीसगढ़ शासन और उपमुख्यमंत्री व खेल मंत्री Arun Sao के प्रति आभार व्यक्त किया।
रुस्तम सारंग की खेल उपलब्धियों और अनुभव को देखते हुए राज्य शासन ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है। लंबे समय से खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की मांग थी कि उनके अनुभव का लाभ प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को मिलना चाहिए।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद रुस्तम सारंग ने कहा कि वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने और उन्हें खेल गतिविधियों से जोड़ने का कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ महीनों से अन्य दायित्वों के कारण वे प्रशिक्षण गतिविधियों से दूर थे, जिससे कई युवा खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण लेने में कठिनाई हो रही थी। अब वे फिर से खेल प्रशिक्षण को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाने पर काम करेंगे।
उपलब्धियों से भरा रहा खेल करियर
रुस्तम सारंग का खेल करियर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों से भरा (Rustam Sarang Weightlifter) रहा है। वर्ष 2005 में उन्होंने जूनियर एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई और छत्तीसगढ़ के पहले अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टर बने। इसके बाद 2006 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक और 2007 गुवाहाटी नेशनल गेम्स में रजत पदक हासिल किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने 2009 मलेशिया, 2011 दक्षिण अफ्रीका और 2012 समोआ में आयोजित कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। वहीं 2011 पेरिस और 2014 कजाखस्तान में आयोजित वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।
राष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने कई जूनियर और सीनियर चैंपियनशिप तथा 2015 केरल नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। खेलों में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शहीद कौशल यादव खेल पुरस्कार, शहीद राजीव पांडेय खेल पुरस्कार और गुंडाधुर सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।
पुलिस सेवा से खेल प्रशासन तक
रुस्तम सारंग छत्तीसगढ़ पुलिस में डीएसपी पद पर भी पदस्थ (Rustam Sarang Weightlifter) रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने Sports Authority of India के पटियाला केंद्र से स्पोर्ट्स कोचिंग में डिप्लोमा प्राप्त किया और कई युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया। हाल ही में उन्होंने सक्रिय खेल से संन्यास की घोषणा की थी।
अब खेल एवं युवा कल्याण विभाग में सहायक संचालक के रूप में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उनसे प्रदेश के खिलाड़ियों को नई दिशा और बेहतर प्रशिक्षण देने की उम्मीद जताई जा रही है।





