सीजी भास्कर 4 फ़रवरी : SaaSpocalypse Explained : बीते कुछ दिनों से टेक इंडस्ट्री में एक नया शब्द तेज़ी से फैल रहा है—SaaSpocalypse। यह शब्द SaaS (Software as a Service) और Apocalypse को जोड़कर बना है, जिसका मतलब है सॉफ्टवेयर-आधारित बिज़नेस मॉडल पर मंडराता अस्तित्व का संकट। वजह बनी है Anthropic का नया AI ऑटोमेशन टूल, जिसने ग्लोबल टेक कंपनियों और निवेशकों की नींद उड़ा दी है।
शेयर बाजार में क्यों आई तेज गिरावट
Anthropic के इस नए टूल की जानकारी सामने आते ही अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनियों के शेयरों में अचानक भारी बिकवाली देखी गई। असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यूरोप और एशियाई बाजारों में भी IT और SaaS से जुड़े स्टॉक्स दबाव में आ गए। इसी कड़ी में Infosys, Wipro और TCS जैसे भारतीय IT दिग्गजों को लेकर भी निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
सॉफ्टवेयर कंपनियों को क्यों लग रहा है डर
अब तक कंपनियां अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग सॉफ्टवेयर खरीदती थीं—लीगल, मार्केटिंग, फाइनेंस या डेटा एनालिसिस के लिए। लेकिन Anthropic का नया AI टूल बिना किसी कोडिंग और बिना अलग सॉफ्टवेयर के, इन सभी कामों को खुद करने में सक्षम बताया जा रहा है। यही वजह है कि निवेशकों को लग रहा है कि अगर कंपनियों को सॉफ्टवेयर खरीदने की जरूरत ही नहीं रही, तो SaaS कंपनियों का बिज़नेस मॉडल खतरे में पड़ सकता है।
नया AI टूल आखिर है क्या
Anthropic ने एंटरप्राइज यूजर्स के लिए Cloud Cowork Agent पेश किया है, जो एक एजेंटिक, नो-कोड AI असिस्टेंट है। इसके साथ 11 नए प्लग-इन्स लॉन्च किए गए हैं, जिन्हें खासतौर पर लीगल, सेल्स, मार्केटिंग और डेटा-ड्रिवन कामों को ऑटोमेट करने के लिए डिजाइन किया गया है।
लीगल सेक्टर में सबसे ज्यादा हलचल
इस टूल का सबसे ज्यादा असर लीगल इंडस्ट्री में देखा जा रहा है। Cloud Cowork का लीगल एजेंट डॉक्यूमेंट रिव्यू, कॉन्ट्रैक्ट एनालिसिस, कम्प्लायंस चेक और लीगल ब्रीफ ड्राफ्ट जैसे काम संभाल सकता है। हालांकि, कंपनी ने साफ किया है कि AI के आउटपुट की समीक्षा लाइसेंस प्राप्त वकीलों द्वारा की जानी चाहिए।
Salesforce जैसे प्लेटफॉर्म क्यों चर्चा में
Anthropic का दावा है कि उसके AI एजेंट ऐसे काम भी कर सकते हैं, जिनके लिए पहले Salesforce, ServiceNow जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स की जरूरत पड़ती थी। यही कारण है कि निवेशकों को लग रहा है कि आने वाले समय में एंटरप्राइज वर्कफ्लो का पूरा ढांचा बदल सकता है।
कौन-कौन से प्लगइन क्या काम करेंगे
क्लाउड कोवर्क के साथ कई स्पेशलाइज्ड प्लगइन्स जोड़े गए हैं।
- Productivity Plugin कामों की प्लानिंग और मैनेजमेंट करता है।
- Product Management Plugin फीचर स्पेक्स, रोडमैप और यूजर रिसर्च को हैंडल करता है।
- Marketing Plugin कंटेंट, कैंपेन और एनालिटिक्स संभालता है।
- Finance Plugin अकाउंटिंग, रिकंसिलिएशन और फाइनेंशियल एनालिसिस में मदद करता है।
- Data Plugin SQL, डैशबोर्ड और डेटा इनसाइट्स जनरेट करता है।
Infosys, Wipro और TCS पर असर क्यों
भारतीय IT कंपनियों का बड़ा हिस्सा ग्लोबल एंटरप्राइज क्लाइंट्स और सॉफ्टवेयर-सर्विस मॉडल पर निर्भर है। अगर कंपनियां AI-ड्रिवन ऑटोमेशन की ओर तेजी से शिफ्ट होती हैं, तो पारंपरिक IT सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए प्रोजेक्ट्स और मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। यही वजह है कि Indian IT Stocks को लेकर निवेशक फिलहाल सतर्क नजर आ रहे हैं।
संकट या नया मौका
हालांकि कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह SaaS का अंत नहीं, बल्कि ट्रांसफॉर्मेशन की शुरुआत है। AI टूल्स जहां कुछ बिज़नेस मॉडल को चुनौती देंगे, वहीं नई तरह की सर्विसेज और हाइब्रिड AI-SaaS सॉल्यूशंस के लिए मौके भी पैदा करेंगे।




